
जयपुर. विष्णु कॉलोनाईजर गोलछा ग्रुप की जमीन पर कब्जा करने के मामले में गैंगस्टर राजू ठेठ सहित तीन लोगों को भांकरोटा थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। इससे पहले महेश नगर थाना पुलिस ने गुरुवार को गैंगस्टर राजू ठेठ सहित आठ लोगों को शांतिभंग करने के मामले में गिरफ्तार किया था। शनिवार को गैंगस्टर जमानत पर छूटा, तब उसे मुकदमे में गिरफ्तार किया गया। डीसीपी ऋचा तोमर ने बताया कि जमीन पर कब्जा करवाने और कब्जा छोडऩे के बदले में रुपए मांगने के मामले में गैंगस्टर राजू ठेठे, रामचन्द्रपुरा निवासी के.के. यादव और सीकर के बैरास निवासी जगदीश ढाका को गिरफ्तार किया। इस संबंध में शुक्रवार को बस्सी क्षेत्र निवासी रामचरण शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया कि विष्णु कॉलोनाईजर गोलछा ग्रुप में प्रशासक है। ग्रुप ने वर्ष 2004 में रामचन्द्रपुरा में 9 बीघा 17 विस्वा जमीन खरीदी थी। जमीन की देखरेख के लिए बनवारी लाल को लगा रखा था। कुछ दिन पहले मांगीलाल यादव ने ग्रुप की उक्त जमीन के कुछ हिस्से में जबरन टीनशैड लगा लिया और कच्चा छप्पर बनाकर कब्जा कर लिया। इस संबंध में 19 नवम्बर को थाने में मामला दर्ज करवाया था। अब सात आठ दिन पहले बनवारी के मोबाइल पर जगदीश ढाका नाम के व्यक्ति का फोन आया और फोन करने वाले ने धमकी दी कि मांगीलाल यादव के खिलाफ बयान क्यों दिया। हम राजू ठेठ के आदमी हैं और तुम बयान बदल दो। तुम्हारे मालिक को देख लेंगे। इसके बाद फिर फोन आया और कहा कि राजू ठेठ बोल रहा हूं मांगीलाल से सेटलमेंट करवा दे और उसे रुपए दिलवा दे। नहीं तो ठीक नहीं होगा। फिर फोन आया और इस बार कहा कि के.के. यादव बोल रहा हूं, धमकी दी कि राजू ठेठ के आदमी हैं।
9 वर्ष बाद जेल से जमानत पर छूटा था, सक्रिय
पुलिस ने बताया कि राजू ठेठ 9 वर्ष बाद जेल से जमानत पर छूटा था। जमानत पर बाहर आने के बाद शेखावटी के बाहर गैंग सक्रिय करने के लिए जयपुर में रहने लगा। इस दौरान मांगीलाल ने अपने परिचित के.के. यादव से मदद मांगी। के.के. यादव परिचित जगदीश ढाका के जरिए गैंगस्अर राजू ठेठ के जरिए धमकी दिलवाकर परिवादी को डरा धमका रहा था। पुलिस गैंगस्टर के जमानत पर छूटने के बाद अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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अब गैंगस्टर राजू ठेठ और उसके साथियों को जमीन पर कब्जा करवाने के लिए धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया है। गुरुवार को राजू ठेठ और उसके साथियों को शांतिभंग करने के मामले में गिरफ्तार किया था।
अजयपाल लांबा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त