जयपुर

CNG Price Hike in Rajasthan: पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी गैस महंगी, जानें बढ़ी कीमतें और क्या होगा असर?

जयपुर में सीएनजी की कीमतों में 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। टोरेंट गैस द्वारा बढ़ाई गई दरों के बाद अब नई कीमत 96 रुपये प्रति किलो हो गई है। जानिए इसका वास्तविक असर।

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May 27, 2026
CNG Pump in Jaipur

राजस्थान में सीएनजी (CNG) गैस का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। सीएनजी की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी टोरेंट गैस ने सीएनजी की कीमतों में 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी द्वारा घोषित की गई यह नई दरें आज से ही जयपुर शहर और इसके आसपास के अधिकृत सीएनजी फिलिंग स्टेशनों पर पूरी तरह से लागू कर दी गई हैं। इस मूल्य वृद्धि से पहले जयपुर में सीएनजी गैस का भाव 94.41 रुपये प्रति किलोग्राम (कुछ केंद्रों पर तकनीकी रूप से 94.42 रुपये) चल रहा था। टोरेंट कंपनी द्वारा की गई 1.59 रुपये की इस ताजा बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को प्रति किलोग्राम सीएनजी के लिए पूरे 96 रुपये का भुगतान करना होगा। पेट्रोल और डीजल की पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच सीएनजी के दामों में हुई इस वृद्धि से उन वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है जिन्होंने पर्यावरण अनुकूल और किफायती विकल्प के रूप में सीएनजी किट को अपनाया था।

सीएनजी गैस की कीमतों का नया गणित

टोरेंट गैस कंपनी द्वारा दरों में बदलाव किए जाने के बाद जयपुर शहर में सीएनजी अब अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर परिचालन लागत में वृद्धि को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन इसका सीधा प्रभाव आम उपभोक्ता की वित्तीय स्थिति पर पड़ता है।

मूल्य वृद्धि के इस गणित को सीधे तौर पर इस तरह समझा जा सकता है कि यदि कोई कार चालक अपने वाहन के सीएनजी टैंक में औसतन 10 किलोग्राम गैस रीफिल करवाता है, तो उसे अब प्रत्येक रीफिल पर लगभग 15.90 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

इसी तरह, जो वाणिज्यिक वाहन या कारें रोजाना 20 से 30 किलोग्राम गैस की खपत करती हैं, उनके दैनिक खर्च में 32 रुपये से लेकर 48 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जाएगी। यह राशि दिखने में छोटी लग सकती है, लेकिन मासिक आधार पर यह मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट में एक निश्चित वृद्धि लाती है।

ऑटो, कार टैक्सी और कैब एग्रीगेटर्स पर असर

जयपुर जैसे महानगर में सीएनजी की कीमतों में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का सबसे पहला और सीधा असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ता है। जयपुर शहर में वर्तमान में हजारों की संख्या में सीएनजी संचालित ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, स्थानीय लोडिंग टेंपो और ओला-उबर जैसी ऐप-आधारित टैक्सियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। सीएनजी के दाम 96 रुपये प्रति किलो होने से इन सभी वाहन चालकों के दैनिक मुनाफे का मार्जिन कम होने की आशंका है।

वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से ही आम आदमी की पहुंच से दूर बनी हुई हैं, ऐसे में उन्होंने सीएनजी को एक सस्ते और बेहतर विकल्प के रूप में चुना था। अब सीएनजी के दाम भी लगातार 100 रुपये के आंकड़े की तरफ बढ़ रहे हैं। इस स्थिति के कारण आने वाले दिनों में चालकों द्वारा किराया बढ़ाने की मांग की जा सकती है, जिससे अंततः शहर में सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर ही अतिरिक्त भार पड़ेगा। विशेषकर दैनिक रूप से दफ्तर और कॉलेज आने-जाने वाले लोगों का यात्रा खर्च बढ़ सकता है।

क्या महंगी हो सकती हैं रोजमर्रा की चीजें?

सीएनजी केवल छोटे वाहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जयपुर शहर के भीतर माल सप्लाई करने वाले हल्के वाणिज्यिक वाहनों (Light Commercial Vehicles) में भी इसका व्यापक उपयोग होता है। सब्जियां, फल, दूध और अन्य आवश्यक घरेलू सामानों को थोक मंडियों (जैसे मुहाना मंडी) से शहर के विभिन्न कोनों में स्थित खुदरा दुकानों तक पहुंचाने के लिए अधिकांश ट्रांसपोर्टर्स सीएनजी वाहनों का ही इस्तेमाल करते हैं।

ईंधन के दाम बढ़ने से इन ट्रांसपोर्टर्स की परिचालन लागत बढ़ जाती है। हालांकि 1.59 रुपये की बढ़ोतरी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सूत्रों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण माल भाड़े में आंशिक संशोधन करना पड़ सकता है। यदि लंबी अवधि में माल भाड़ा बढ़ता है, तो स्थानीय बाजारों में खुदरा सामानों की कीमतों पर भी इसका मामूली असर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल बनाम सीएनजी

इस मूल्य वृद्धि के बावजूद अगर हम राजस्थान और विशेषकर जयपुर में अन्य ईंधनों की तुलना में सीएनजी की उपयोगिता का विश्लेषण करें, तो यह अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले काफी किफायती श्रेणी में आता है। जयपुर में पेट्रोल की कीमतें वर्तमान में 100 रुपये प्रति लीटर से काफी ऊपर चल रही हैं, जबकि डीजल भी एक महंगी श्रेणी में बना हुआ है।

सीएनजी न केवल प्रति किलोग्राम मूल्य में पेट्रोल से सस्ती है, बल्कि सीएनजी वाहनों का माइलेज भी पेट्रोल वाहनों की तुलना में लगभग 25% से 30% तक अधिक होता है। यही कारण है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद जयपुर के ऑटोमोबाइल बाजार में सीएनजी कारों और रेट्रोफिटेड सीएनजी किट की मांग में कोई बड़ी गिरावट आने की संभावना नहीं है।

पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी सीएनजी से होने वाला कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है, जो जयपुर जैसे बढ़ते शहर की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

उपभोक्ताओं के लिए आगे की राह

जयपुर में टोरेंट कंपनी द्वारा सीएनजी की कीमतों में की गई 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम की यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में ऊर्जा की वैश्विक और स्थानीय लागतों का असर स्वच्छ ईंधनों पर भी पड़ेगा। वर्तमान में 96 रुपये प्रति किलो की यह दर उपभोक्ताओं के लिए एक नई वित्तीय वास्तविकता है जिसके साथ उन्हें अपने मासिक परिवहन खर्चों को संतुलित करना होगा।

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Updated on:
27 May 2026 08:21 am
Published on:
27 May 2026 08:16 am
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