
जयपुर शहर की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट का सीधा जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर संदेश नायक मंगलवार देर रात बिना किसी औपचारिक काफिले और तामझाम के खुद सड़कों पर उतरे। शहर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र की जमीनी हकीकत देखने के लिए कलेक्टर ने स्कूटी की सवारी की, जिसमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर (पूर्व) नरेंद्र कुमार वर्मा खुद स्कूटी चला रहे थे और कलेक्टर पीछे बैठकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। अजमेरी गेट से शुरू हुआ यह औचक निरीक्षण अभियान देर रात तक परकोटे के प्रमुख बाजारों और तंग गलियों में जारी रहा, जहां उन्होंने रात्रिकालीन सफाई की जमीनी स्थिति को देखा।
प्रशासनिक अधिकारियों का इस तरह एसी कमरों से निकलकर देर रात धरातल पर पहुंचना शहर वासियों के लिए चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि इससे निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच जमीनी व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आई।
कलेक्टर संदेश नायक ने अजमेरी गेट से अपने औचक दौरे की शुरुआत करते हुए परकोटे के विभिन्न प्रमुख बाजारों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों के किनारे जमा होने वाले कचरे, नालियों की नियमित सफाई और बाजारों में रात्रिकालीन सफाई बीट के काम का गहन विश्लेषण किया।
खासतौर पर परकोटे के बाजारों और लेट-नाइट खुलने वाली दुकानों के आसपास कचरा प्रबंधन की क्या स्थिति है, इसका कलेक्टर ने सीधे मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परकोटे की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के साथ-साथ जिला कलेक्टर ने आगामी नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर लागू आचार संहिता की स्थिति का भी फीडबैक लिया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक और निगम अधिकारियों से चुनाव से जुड़ी तैयारियों और शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चुनावी गतिविधियों के दौरान भी शहर की मूलभूत नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
आमतौर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दौरों के समय गाड़ियों का बड़ा काफिला और सुरक्षा घेरा रहता है, जिससे वास्तविक स्थिति छिप जाती है। लेकिन आईएएस संदेश नायक ने बिना किसी पूर्व सूचना और लवाजमे के स्कूटी से दौरा करने की कार्यशैली अपनाई। उल्लेखनीय है कि संदेश नायक इससे पहले भी जयपुर शहर का जायजा इसी तरह स्कूटी पर ले चुके हैं।
देर रात शहर की सड़कों पर जिला कलेक्टर और एडीएम स्तर के अधिकारियों को स्कूटी से घूमते देख स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों में भी सकारात्मक संदेश गया। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि जब उच्च अधिकारी खुद धरातल पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं, तो निचले स्तर का अमला भी पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाइट स्विपिंग को नियमित और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि सुबह बाजार खुलने पर परकोटा पूरी तरह साफ-सुथरा नजर आए।