
जयपुर
दामिनी फिल्म में एक डॉयलाग था कि शैतान ने एक दिन बलात्कार किया, लेकिन हमारा सिस्टम पीड़ित महिलाओं का रोजाना बलात्कार करता है। कोर्ट में दिए गए इस डॉयलाग पर जमकर लोगों ने तालियां बजाई, लेकिन बलात्कार की पीड़ित एक महिला ने सुनवाई नहीं हुई तो जयपुर के वैशालीनगर थाने में जाकर खुद को आग लगा ली। 80 फीसदी झुलसी महिला अब जिंदगी के लिए एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में संघर्ष कर रही है।
दरअसल झोटवाडा निवासी 35 वर्षीय महिला ने 5 जून को झुंझुनूं निवासी रविन्द्र सिंह के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि रविन्द्र सिंह उसका परिचित ही नहीं रिश्तेदार भी था। इसके कारण आए दिन पीड़िता का घर में आना—जाना था।
एक दिन मौका देखकर रविंद्र सिंह ने नशा मिली हुई कोल्ड ड्रिंक पिला दी, पीड़िता को जिससे वह अचेत हो गई। आरोपी ने बेहोशी की हालत में बलात्कार कर अश्लील वीडियो क्लिपिंग बना ली। इसके बाद से वह ब्लैकमेल कर उसके साथ देहशोषण करने केअलावा रुपए भी ऐंठने लगा। परेशान होकर पीडि़ता ने मामला दर्ज कराया था।
वारदात को हुए डेढ़ माह बीतने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। अपनी रिपोर्ट पर कार्रवाई की जानकारी लेने रविवार दोपहर पीडि़ता वैशाली नगर थाने पहुंची। सूत्र बताते हैं कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बहुत रूखा भरा बर्ताव किया, जिससे आहत होकर पीडि़ता ने थाना परिसर में खुद को आग लगा दी।
एकाएक पीडि़ता के इस तरह आग लगा आत्मदाह के प्रयास से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।