जयपुर

जयपुर में ‘मिडनाइट रेड’! बाज़ार में खपाए जाने से पहले हज़ारों लीटर मिलावटी और खट्टे बदबूदार दूध का ‘भंडाफोड़’ 

जयपुर में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन! कृष्णा डेयरी और चिथवाड़ी में 1450 लीटर खट्टा व बदबूदार दूध किया गया नष्ट। जानिए कैसे खाद्य सुरक्षा टीम ने आधी रात को पकड़ा यह बड़ा नेटवर्क।

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May 24, 2026
Jaipur Food Safety Raid - Adulterated Milk Destroyed

गर्मियों का मौसम आते ही राजस्थान में छाछ, दही, लस्सी और मावे की मांग आसमान छूने लगती है। लेकिन इसी मांग की आड़ में कुछ रसूखदार मिलावटखोर जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने का गंदा धंधा शुरू कर देते हैं। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अब ऐसे सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ सीधी जंग का ऐलान कर दिया है। इसी सिलसिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीमों ने जयपुर के ग्रामीण इलाकों में देर रात तक जो कार्रवाई की, उसने पूरे डेयरी उद्योग में हड़कंप मचा दिया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जयपुर के बाहरी इलाकों से शहर के भीतर हज़ारों लीटर ऐसा दूध भेजा जा रहा है, जो पूरी तरह से सड़ चुका है और जिसे केमिकल के दम पर दोबारा मीठा और गाढ़ा बनाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि इससे पहले कि यह ज़हरीला दूध जयपुर के घरों की रसोई या मिठाई की दुकानों तक पहुंचता, कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला की टीम ने इसका भंडाफोड़ कर दिया।

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गटर में बहाया 700 लीटर बदबूदार दूध

कार्रवाई की शुरुआत जयपुर के कालाडेरा इलाके से हुई। यहाँ साहिब रामपुर अनोपूरा में स्थित 'कृष्णा दूध डेयरी' पर खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष संयुक्त टीम ने अचानक दबिश दी। टीम के अचानक पहुंचने से डेयरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

Jaipur Food Safety Raid PIC

मौके पर मिला सड़ा हुआ स्टॉक: जब टीम ने डेयरी के भीतर रखे कंटेनरों की जांच की, तो उसमें से भयंकर दुर्गंध आ रही थी। लगभग 700 लीटर दूध पूरी तरह से खट्टा हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ने जैसी नौबत थी।

थमाया कानूनी नोटिस: डेयरी संचालक शायर चौधरी से जब इस दूध के स्रोतों और कलेक्शन सेंटर के बारे में पूछताछ की गई, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। टीम ने तुरंत दूध के सैंपल लिए और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी नोटिस थमा दिया। 700 लीटर सड़े हुए दूध को तुरंत मौके पर ही नष्ट कराया गया।

मावा फैक्ट्रियों को सप्लाई होने वाले 3 टैंकर सीज

कालाडेरा की कार्रवाई के बाद टीम रुकी नहीं। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में फूड सेफ्टी ऑफिसर्स (FSOs) का यह दल देर रात चिथवाड़ी क्षेत्र की तरफ रवाना हुआ। यह इलाका जयपुर और कोटपूतली के बॉर्डर पर मावा बनाने वाली अवैध और वैध इकाइयों का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। वहां नाकेबंदी कर मावा निर्माण इकाइयों को दूध की सप्लाई करने वाले तीन बड़े टैंकरों को बीच रास्ते में रोका गया।

जयपुर चिथवाड़ी मिडनाइट रेड: दूध टैंकरों की जांच और कार्रवाई रिपोर्ट

क्र. सं.डेयरी / टैंकर मालिक का नामऑपरेशन का समय / स्थानप्रारंभिक जांच की स्थिति (Status)की गई दंडात्मक कार्रवाई (Action Taken)
1कृष्णा दूध डेयरी (शायर चौधरी)दोपहर / कालाडेरा, जयपुरअत्यंत खट्टा और बदबूदार; मैन्युअल हाइजीन मानकों का खुला उल्लंघन पाया गया।700 लीटर दूध मौके पर नष्ट; FSSAI एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में नोटिस जारी।
2जितेन्द्र शर्मा का टैंकरदेर रात / चिथवाड़ी क्षेत्रप्रारंभिक जांच में अमानक (Substandard); दूध की थिकनेस बढ़ाने के लिए मिलावट का संदेह।750 किलोग्राम दूध तुरंत नष्ट; सैंपल को लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया।
3एस.एस. डेयरी, घटवाड़ीदेर रात / चिथवाड़ी क्षेत्रसंदिग्ध गुणवत्ता; मावा बनाने के लिए जा रहा था भारी स्टॉक।दूध के कानूनी नमूने (Samples) सील किए गए; रिपोर्ट आने पर होगी सीजर की कार्रवाई।
4यादव दूध डेयरी, मूंडरूदेर रात / चिथवाड़ी क्षेत्रसंदिग्ध फैट और एसएनएफ (SNF) की मात्रा पाई गई।कड़े वैधानिक सैंपल लिए गए; डेयरी रूट चार्ट की पूरी जानकारी जब्त।

टैंकर से निकला ज़हरीला' केमिकल युक्त दूध

चिथवाड़ी में रोके गए टैंकरों में सबसे खराब स्थिति नारायणपुर-कोटपूतली निवासी जितेन्द्र शर्मा के टैंकर की थी। इस टैंकर के भीतर रखे दूध का जब ऑन-द-स्पॉट लैक्टोमीटर और स्ट्रिप्स के जरिए प्राथमिक परीक्षण किया गया, तो अधिकारी भी चौंक गए।

अमानक दूध का खेल: इस टैंकर में लगभग 750 किलोग्राम ऐसा दूध भरा था जो इंसानी उपभोग के लिए पूरी तरह से ज़हर के समान था। गर्मियों में दूध फटे नहीं, इसके लिए इसमें कथित तौर पर कुछ प्रिजर्वेटिव्स और अमानक चीजें मिलाई गई थीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए, इस पूरे 750 किलो दूध को सड़क किनारे बड़े गड्ढे में डंप करवाकर पूरी तरह नष्ट करवा दिया ताकि इसका किसी भी रूप में मावा या पनीर न बनाया जा सके।

Jaipur Food Safety Raid PIC

मिलावटखोरों के खिलाफ '4 स्पेशल टीमें'

खाद्य सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि यह कोई एकलौती घटना नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक मिलावटी दूध और नकली मावे की सप्लाई का एक पूरा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है। इस सिंडिकेट की रीढ़ की हड्डी को तोड़ने के लिए विभाग ने एक बड़ा और परमानेंट मास्टर प्लान तैयार किया है।

4 विशेष सतर्कता दल गठित: पूरे जयपुर और आसपास के जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर 24 घंटे पैनी नजर रखने के लिए चार विशेष फूड सेफ्टी स्क्वॉड्स का गठन कर दिया गया है।

रूट मैपिंग और सर्विलांस: ये दल केवल बड़े आउटलेट्स पर ही नहीं, बल्कि दूध उत्पादकों, कलेक्शन सेंटर्स, दूध संग्रहकर्ताओं और रात के समय दौड़ने वाले निजी टैंकरों के रूट चार्ट की मैपिंग कर उन पर सतत निगरानी रखेंगे।

कमियों पर सीधे दर्ज होगी FIR: नए प्रावधानों के तहत अगर किसी भी बड़ी डेयरी या टैंकर में सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट या यूरिया की मिलावट पाई जाती है, तो केवल सैंपल फेल होने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि गैर-जमानती धाराओं के तहत तुरंत पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

कैसे पहचानें दूध शुद्ध है या ज़हर?

दूध शुद्ध है या ज़हर?

विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मियों में दूध की कमी को पूरा करने के लिए सिंथेटिक दूध का धंधा बढ़ जाता है। अगर दूध को हथेली पर रगड़ने से साबुन जैसा झाग या चिकनाहट लगे, या उबालने पर उसका रंग हल्का पीला पड़ने लगे, तो समझ जाइए कि उसमें डिटर्जेंट या स्टार्च की मिलावट है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने आम जनता को सतर्क कर दिया है और लोग अब अपने स्थानीय दूधिया और डैयरियों से सवाल पूछने लगे हैं।

'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान कितना असरदार?

राजस्थान में अब मिलावटखोरों के अच्छे दिन पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। 1450 लीटर दूध का नष्ट होना महज एक शुरुआत है। अगर यह अभियान इसी तरह बिना किसी राजनीतिक दबाव के लगातार चलता रहा, तो लोगों को असली और शुद्ध डेयरी प्रोडक्ट्स मिल सकेंगे और उन सफेदपोश अपराधियों को जेल की हवा खानी पड़ेगी जो चंद पैसों के मुनाफे के लिए जनता के बच्चों के स्वास्थ्य को दांव पर लगा देते हैं।

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Updated on:
24 May 2026 08:46 am
Published on:
24 May 2026 08:36 am
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