
जयपुर। मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी पर 24 दिसंबर को व्यंजन द्वादशी मनाई जाएगी। इस मौके पर ठाकुरजी को कच्चे-पक्के शारदीय व्यंजनों के भोग लगाया जाएगा। मंदिरों में छप्पन भोग झांकी सजाई जाएगी। ठाकुरजी को नवीन गर्म पोशाक धारण कराई जाएगी। इसके साथ ही मंदिरों में ठाकुर के खानपान व पहनावे भी बदलाव होगा। मंदिरों में गर्भगृह में हीटर और अंगीठी लगाई जाएगी। ठाकुरजी को गर्म पोशाक में मफलर, जुराब और दस्ताने धारण करवाये जाएंगे।
मुख्य आयोजन गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में होगा। व्यंजन द्वादशी उत्सव पर दोपहर 12 से 12.30 बजे तक विशेष झांकी के दर्शन होंगे। इस दिन सुबह की राजभोग झांकी के दर्शन नहीं हो सकेंगे। बाकी झांकियों का समय यथावत रहेगा। इस दिन ठाकुरजी को पीली केसरिया द्वादशी व अंगरखी पोशाक धारण करवाई जाएगी। इसके साथ ही विशेष अलंकार धारण करवाए जाएंगे। ठाकुरजी के समक्ष विशेष भोग की झांकी सजाई जाएगी। इसके साथ ही पारंपरिक चांदी की थाली और कटोरी में कच्चा भोग, दाल और खीर का भोग भी लगाया जाएगा। अधिक ठंड के कारण ठाकुरजी को शयन के समय गुलीबंद और रजाई ओढ़ाना शुरू किया जाएगा।
सकरी और अनसकरी भोग
सुभाष चौक स्थित सरस निकुंज में पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में ठाकुरजी को सकरी और अनसकरी भोग लगाया जाएगा। मुख्य रूप से बाजरे के खीचड़े का मनुहार कर भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही मूंग, चवला, मीठे-नमकीन चावल, कढ़ी, गट्टे की सब्जी, नमकीन, छेने के मावे की मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। ठाकुरजी को नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी।
यहां भी होंगे कार्यक्रम
चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी, चांदनी चौक स्थित आनंद कृष्ण बिहारीजी, रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी, इस्कॉन, अक्षरधाम सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धा के साथ व्यंजन द्वादशी मनाई जाएगी।