
सीनियर प्रोफेसर एनएल डिसानिया। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर एनएल डिसानिया ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। डॉक्टर एन एल डिसानिया का शव उनके घर में ही फंदे से लटका मिला। वर्तमान में वह फोरेंसिक डिपार्टमेंट के एचओडी थे। कुछ दिनों पहले ही उनकी मौजूदगी में सवाई मानसिंह अस्पताल में अत्याधुनिक लैब शुरू हुई थी।
जानकारी के अनुसार देर रात घरवाले जब घर लौटे तो डॉ. एनएल डिसानिया का शव कमरे के अंदर फंदे पर लटका मिला। उन्हें तुरंत खातीपुरा स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए डॉ. एनएल डिसानिया के शव को सवाई मानसिंह अस्पताल लाया गया है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन सदमे में है। बता दें कि वे पिछले लंबे समय से फॉरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट में सेवाएं दे रहे थे।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के एचओडी और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एन.एल. डिसानिया के निधन की खबर से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
डॉ एन.एल. डिसानिया का शव उनके खातीपुरा स्थित आवास पर फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, शुरुआती जांच में माना यह मामला खुदकुशी का माना जा रहा है। लेकिन, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
डॉक्टर एनएल डिसानिया राजस्थान के जाने-माने फोरेंसिक विशेषज्ञों में से एक थे। वर्तमान में वे सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। करीब दो महीने पहले उनकी ही मौजूदगी में एसएमएस मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक फोरेंसिक लैब की शुरुआत हुई थी। डॉक्टर एनएल डिसानिया का मेडिको-लीगल मामलों, पोस्टमार्टम विज्ञान और फोरेंसिक जांच क्षेत्र में भी लंबा अनुभव रहा है। वो कई अहम मामलों में विशेषज्ञ राय दे चुके थे। उन्होंने मेडिकल छात्रों और पीजी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया था।
Updated on:
08 Jul 2026 02:37 pm
Published on:
08 Jul 2026 11:01 am
