
हादसे में घायल महिला। फोटो: पत्रिका
जयपुर। हादसे के बाद सड़क पर बिखरे बच्चों के गुब्बारे, पानी की बोतलें और घरेलू सामान उस दर्दनाक मंजर की गवाही दे रहे थे, जहां एक परिवार के सपने टूटकर बिखर गए। राजसमंद के जैतपुरा गांव का चंद्रप्रकाश हर साल छुट्टियां लगते ही पत्नी कैलाशी और बच्चों को साथ लेकर जयपुर आ जाता था। गांव के आसपास की पहाड़ियों से खजूर काटकर लाता, पूरा परिवार मिलकर झाड़ू बनाता और उन्हें बेचकर कुछ अतिरिक्त कमाई करता। स्कूल खुलते ही बच्चों को लेकर वापस गांव लौट जाता था।
इस बार भी मेहनत रंग लाई थी और परिवार गांव लौट रहा था। लेकिन अजमेर रोड पर तेज रफ्तार ट्रोले ने ऐसा कहर बरपाया कि पिता और तीन बेटों की सांसें थम गईं। अब पति और बच्चों को खो चुकी कैलाशी बार-बार एक ही सवाल पूछ रही है-‘मेरे बच्चे कहां हैं?’ एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में भर्ती कैलाशी को अभी तक यह नहीं बताया गया है कि उसके बच्चे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
मोर्चरी के बाहर शवों का इंतजार कर रहे चंद्रप्रकाश के साले पन्नालाल ने बताया कि वह भी झाड़ू बेचता है और सभी साथ रह रहे थे। झुग्गी से निकलने के आधे घंटे बाद हादसे की सूचना मिली। वहां पहुंचे तो चंद्रप्रकाश, उसके बच्चे और कैलाशी सड़क पर पड़े थे। बच्चे दर्द से तड़प रहे थे। किसी तरह सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर चंद्रप्रकाश और तीनों बच्चों को नहीं बचा सके।
परिजनों ने बताया कि चंद्रप्रकाश पर कर्ज था। इसी वजह से वह हर साल छुट्टियों में जयपुर आकर झाड़ू बेचता था, ताकि परिवार का खर्च चल सके और कुछ पैसे बचाकर गांव ले जा सके। इस बार भी कमाई के बाद पूरा परिवार घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। परिजनों का कहना है कि चंद्रप्रकाश ही परिवार का इकलौता कमाने वाला था। अब बुजुर्ग माता-पिता, गंभीर घायल पत्नी और पूरे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।
हादसे के बाद बच्चों के गुब्बारे, पेयजल की बोतलें, मसाले और अन्य सामान सड़क पर बिखरा पड़ा था। वहां मौजूद हर व्यक्ति इस मंजर को देखकर वाहनों की तेज रफ्तार को कोस रहा था। दिनभर वहां से गुजरने वाले लोग रुकते रहे और घटना की जानकारी लेते रहे।
दिल्ली से अजमेर रोड की ओर और शहर से अजमेर की ओर जाने वाले वाहन 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया से उतरने के बाद मुख्य सड़क और सर्विस रोड के कट पर आमने-सामने आ जाते हैं। पुलिया से वाहन तेज रफ्तार में उतरते हैं और सर्विस रोड से मुख्य सड़क पर आने वाले वाहनों के कारण यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस स्थान पर पहले भी कई बार वाहन टकराने की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि इस कट को बंद कर कुछ दूरी पर नया कट बनाने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
Updated on:
08 Jul 2026 02:21 pm
Published on:
08 Jul 2026 08:19 am
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