जयपुर में होली से पहले हजारों छात्रों ने ‘प्री-होली’ सेलिब्रेशन किया। कोचिंग हब और हॉस्टल इलाकों में ढोल-डीजे की धुन पर जमकर डांस हुआ। अबीर-गुलाल से पूरा इलाका सतरंगी नजर आया। घर लौटने से पहले छात्रों ने इस विदाई को यादगार बना दिया।
Jaipur Holi Celebration: राजस्थान की राजधानी जयपुर में होली के आधिकारिक त्योहार से पहले ही रंगों का सैलाब उमड़ पड़ा है। परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्र के बाद घर रवाना होने से पहले हजारों की संख्या में छात्रों ने एक साथ मिलकर 'प्री-होली' का ऐसा जश्न मनाया कि पूरा इलाका रंगों से सराबोर हो गया।
जयपुर के प्रमुख कोचिंग हब और हॉस्टल इलाकों में शनिवार को नजारा देखने लायक था। हजारों स्टूडेंट्स ने ढोल-नगाड़ों और DJ की तेज धुन पर जमकर डांस किया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर छात्रों ने विदाई से पहले इस पल को यादगार बना दिया। हजारों की भीड़ के बावजूद छात्रों का उत्साह चरम पर था। घर वापसी से पहले यह सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।
कोचिंग और कॉलेजों की छुट्टी होने के बाद छात्र अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। छात्रों का कहना है कि घर जाने की खुशी तो है, लेकिन जयपुर के दोस्तों के साथ मनाई गई यह होली हमेशा याद रहेगी। इस दौरान पूरा इलाका सतरंगी नजर आया और ट्रैफिक की रफ्तार भी मानों रंगों के बीच थम सी गई।
जयपुर शहर का पर्यटन अब पारंपरिक पर्यटन सीजन की सीमा से बाहर निकलकर फेस्टिवल टूरिज्म की नई इबारत लिख रहा है। हालांकि, पर्यटन सीजन समाप्ति की ओर है। लेकिन होली पर चार दिन के अवकाश ने पर्यटन को नई उड़ान दे दी है।
शनिवार से शुरू हुए अवकाश के कारण जयपुर होली टूरिज्म के रंग में रंगा नजर आ रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात से रोजाना करीब 20 हजार सैलानी जयपुर पहुंच रहे हैं। शहर के स्मारक सुबह से शाम तक पर्यटकों से गुलजार हैं।
वहीं रात को बाजार, होटल और रेस्त्रां में भी सैलानियों की चहल-पहल बनी हुई है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि होली पर चार दिन के अवकाश के दौरान पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों से करीब 150 करोड़ रुपए तक का कारोबार होने का अनुमान है।
शहर के कई होटल्स में धुलंडी पर सैलानियों के लिए विशेष होली उत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। मेहमानों के लिए जयपुर की गुजिया और ठंडाई का इंतजाम किया गया है। साथ ही राजस्थानी व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था होगी, ताकि पर्यटक स्थानीय स्वाद का आनंद ले सकें।
होली मनाने के लिए परदेसियों की घर वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें तो शुरू कर दी हैं, लेकिन जयपुर जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते यात्रियों को अव्यवस्था के बीच सफर करना पड़ रहा है।
इन दिनों जयपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और प्रवेश द्वार पर दिनभर भारी भीड़ है। आमतौर पर रेलवे होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू करता है, लेकिन इस बार इंतजाम नगण्य हैं।
स्टेशन पर न तो होल्डिंग एरिया बनाया गया है और न ही अतिरिक्त स्टॉफ तैनात किया गया है। यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो हादसे की आशंका बनी रहेगी। जयपुर जंक्शन के साथ ही गांधीनगर और दुर्गापुरा स्टेशनों पर भी हालात चिंताजनक हैं। रविवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस समय खाटूश्यामजी का मेला चलने के कारण जयपुर मंडल का अधिकांश स्टाफ रींगस स्टेशन पर तैनात है। अधिकारियों का तर्क है कि मेला समाप्त होने के बाद जयपुर जंक्शन की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि जंक्शन पर जिस स्तर के इंतजाम होने चाहिए थे, वैसे फिलहाल नहीं हो पाए हैं।