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राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: वाहनों की प्रदूषण जांच लेट होने पर वसूली जाने वाली पेनाल्टी खत्म; वापस लिया 9 साल पुराना नियम

जयपुर में राज्य सरकार ने 4 अक्टूबर 2017 से लागू वाहन प्रदूषण जांच में देरी पर जुर्माना वसूलने का प्रावधान तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। हाईकोर्ट में लंबित 8 साल पुरानी याचिका के निस्तारण के बाद यह फैसला हुआ। 2018 से इस पर रोक लगी हुई थी।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 23, 2026

Rajasthan Government Scraps Vehicle Pollution Delay Penalty Withdraws 9-Year-Old Fine Rule After Court Review

वाहनों की प्रदूषण जांच लेट होने पर वसूली जाने वाली पेनाल्टी खत्म (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)

जयपुर: राज्य सरकार ने वाहन प्रदूषण जांच में देरी पर जुर्माना वसूलने के लिए अक्टूबर 2017 में लागू किए गए प्रावधान को वापस ले लिया। हाईकोर्ट ने यह जवाब पेश होने पर 8 वर्ष से लंबित याचिका निस्तारित कर दी। योजना लागू होने के समय राजस्थान पत्रिका ने इसकी वैधता पर सवाल उठाए थे।

राज्य सरकार की ओर से हाल ही आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा है कि 4 अक्टूबर 2017 को राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र योजना (ऑनलाइन) -2017 के अंतर्गत वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच नहीं होने पर जुर्माना वसूलने के लिए किए गए प्रावधान को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

यह प्रावधान लागू होने के समय पत्रिका की ओर से मुद्दा उठाया गया था कि विधि विभाग के मना करने के बावजूद परिवहन विभाग ने यह प्रावधान लागू किया, जो कोर्ट आदेश के भी विपरीत था।

पत्रिका के यह मुद्दा उठाने के बाद अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने बनवारी लाल शर्मा की ओर से याचिका दायर की। इसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता से एक हजार रुपए जुर्माना वसूला गया, जबकि सरकार को यह राशि वसूलने का कानून अधिकार था ही नहीं। याचिका के आधार पर हाईकोर्ट ने 2018 में जुर्माना वसूलने के प्रावधान की पालना रोक दी थी, उसके बाद से स्टे जारी था।

सरकार ने यह किया था प्रावधान

वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच नहीं कराने पर दोपहिया वाहनों पर 200 से 500 रुपए तक और चौपहिया वाहनों पर 500 से एक हजार रुपए तक जुर्माना वसूला जाएगा।