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Amyra Death Case: अमायरा सुसाइड केस में आज पेश होगी चार्जशीट! पुलिस ने स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल व शिक्षका को माना दोषी

Amyra death case: जयपुर शहर में नीरजा मोदी स्कूल में चौथी मंजिल की छत से गिरकर 9 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि फाइनल आरोप पत्र तैयार कर लिया गया है और संभवतया और इसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

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पत्रिका फाइल फोटो

पत्रिका फाइल फोटो

Amyra death case: जयपुर शहर में नीरजा मोदी स्कूल में चौथी मंजिल की छत से गिरकर 9 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि फाइनल आरोप पत्र तैयार कर लिया गया है और संभवतया और इसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस जांच में स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और शिक्षिका को दोषी माना है।
मृतका अमायरा कक्षा चौथी की छात्रा थी। बीते वर्ष 1 नवंबर को वह स्कूल की छत से गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षण स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराई थी।

स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और शिक्षिका नामजद

बताया जा रहा है कि जांच में नीरजा मोदी स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल इंदु दुबे और शिक्षिका पूनिता शर्मा सहित अन्य सदस्यों को आरोपी बनाया गया है। जांच में सुरक्षा इंतजामों और घटना के बाद उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई, जिसमें कई चूक सामने आईं।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 के तहत लापरवाही से मृत्यु कारित करने और धारा 238 के तहत साक्ष्य मिटाने या भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि इन धाराओं को जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर जोड़ा गया है।

एफएसएल और सीसीटीवी की जांच

बताया जा रहा है कि मामले की जांच में घटनास्थल का निरीक्षण, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) द्वारा विश्लेषण और स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच शामिल रही। अधिकारियों के अनुसार फुटेज और अन्य साक्ष्य स्कूल प्रशासन की ओर से सुरक्षा में चूक और बच्ची की मौत के मामले में लापरवाही को उजागर करते हैं।

पुलिस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की रिपोर्ट की भी समीक्षा की। सीबीएसई ने अपनी अलग जांच में बाल सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन की बात कही थी। पिछले वर्ष दिसंबर में बोर्ड ने स्कूल की वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक की संबद्धता तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी किया था। रिपोर्ट में परामर्श तंत्र और शिकायत निवारण प्रणाली की विफलता का उल्लेख किया गया था।