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ACB Trap: ‘एसीबी जाओ’… ऐसे रावणों का वध करना ही ठीक रहेगा, सवा करोड़ बकाया पर 20% कमीशन की मांग, फिर हुआ ट्रैप

जयपुर नगर निगम पशु प्रबंधन शाखा में भ्रष्टाचार करने वाले दोनों पशु चिकित्सक अपने विभाग के उच्च अधिकारियों की भी नहीं सुन रहे थे। एसीबी में शिकायत करने वाले फरियादी से राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर ने बातचीत की।

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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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अश्विनी भदौरिया

Feb 22, 2026

एसीबी ने 2 पशु चिकित्सकों समेत 3 लोगों को किया ट्रैप, पत्रिका फोटो

एसीबी ने 2 पशु चिकित्सकों समेत 3 लोगों को किया ट्रैप, पत्रिका फोटो

जयपुर नगर निगम पशु प्रबंधन शाखा में भ्रष्टाचार करने वाले दोनों पशु चिकित्सक अपने विभाग के उच्च अधिकारियों की भी नहीं सुन रहे थे। एसीबी में शिकायत करने वाले फरियादी से राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर ने बातचीत की।

बातचीत में फरियादी ने बताया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों के पास कमीशन मांगने की शिकायत की तो 10 दिन चुप रहने के बाद दोनों चिकित्सकों ने फरियादी से कमीशन की राशि बढ़ा दी। इतना ही नहीं, फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दी और एक ही दिन में 3 नोटिस दिए, जिसमें कार्य संतोषप्रद न होने की बात लिखी।

उच्च अधिकारी बोले, एसीबी जाओ

लगातार प्रताड़ित करने के कारण फरियादी फिर पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारी के पास पहुंचा। फरियादी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उच्च अधिकारी ने एसीबी जाने का रास्ता दिखाया और कहा कि ऐसे रावणों का वध करना ही ठीक रहेगा। इसके बाद ही फरियादी ने एसीबी में शिकायत की।

गौरतलब है कि डॉ. राकेश कालोरिया और डॉ. योगेश शर्मा ने कुत्तों का बधियाकरण के बिल पास करने के एवज में 15 लाख रुपए मांगे थे। 16 फरवरी को चार लाख रुपए लेते हुए दोनों चिकित्सक कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र सिंह के साथ ट्रैप हुए थे।

सवा करोड़ बकाया, 20% की मांग

दोनों निगमों में फरियादी की फर्म का करीब सवा करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। दोनों चिकित्सक कुल राशि का 20 फीसदी कमीशन मांग रहे थे। इस राशि पर सहमति नहीं बनी तो दोनों चिकित्सकों ने सर्जरी की संख्या बढ़ाने की बात फरियादी से कही। दरअसल, एक सर्जरी के 1500 से 1700 रुपए निगम देता है।

सितम्बर, 2025 में हैरिटेज निगम ने टेंडर निकाले, चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए 1000 ऑपरेशन प्रति माह करने की शर्त डाली। जो पूरे देश के किसी भी निगम में नहीं है। इसकी शिकायत स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन से भी की थी। निरीक्षण के दौरान कई बार श्वान घर के सीसीटीवी कैमरे चालू नहीं मिले।

इधर, आयुक्त पहुंचे निरीक्षण करने

जयसिंहपुरा खोर स्थित श्वान घर में व्यवस्थाओं को देखने निगम आयुक्त पहुंचे। वहां उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। श्वानों के लिए की गई आवश्यक व्यवस्थाओं का देखा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी जांची। साथ ही ऑपरेशन थियेटर भी देखा। शिकायत रजिस्टर को नियमित रूप से अपडेट करने के आयुक्त ने निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पशु प्रबंधन शाखा की उपायुक्त अनिता मित्तल, हवामहल जोन उपायुक्त सीमा चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।