
अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका
बीकानेर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आठवीं बोर्ड परीक्षा देने निकली नाबालिग छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम कराने और शव लेने से इनकार कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए 10 पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई में जुटी हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार रात शव नहीं उठाने का निर्णय लिया। रविवार सुबह शव को अस्पताल की मोर्चरी में डीप-फ्रिज में रखवाया गया, लेकिन परिजन ने स्पष्ट कर दिया कि गिरफ्तारी से पहले पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।
रविवार से राजकीय उपजिला अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने ग्रामीणों और परिजन ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच शनिवार देर रात से रविवार तक करीब आधा दर्जन बार वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
धरने में कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। घटना के विरोध में तीन कस्बों के बाजार पूर्णत: बंद रहे। व्यापारियों और आमजन ने स्वेच्छा से प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया। क्षेत्र में एहतियातन आधा दर्जन से अधिक थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से निष्पक्ष जांच, शीघ्र गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की।
शनिवार को 13 वर्षीय छात्रा घर से परीक्षा देने निकली थी, लेकिन परीक्षा केंद्र नहीं पहुंची। बाद में पुलिस थाने से करीब 800 मीटर दूर माइनर के पास छात्रा का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला। बलात्कार के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतका के पिता की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Updated on:
22 Feb 2026 08:31 pm
Published on:
22 Feb 2026 08:31 pm
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