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Rajasthan Politics: चर्चा में गुर्जर नेता स्व. किरोड़ी बैंसला की बेटी सुनीता, जानते हैं वजह?

राजस्थान राज्यसभा चुनाव में अचानक चर्चा में आया पूर्व IRS सुनीता बैंसला का नाम। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की बेटी को बीजेपी बना सकती है उम्मीदवार।

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Sunita Bainsla Rajasthan Rajya Sabha Candidate BJP Colonel Kirori Singh Daughter Profile

Sunita Bainsla - File PIC

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। सूबे की 3 खाली हो रही राज्यसभा सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके तहत 8 जून तक सभी प्रत्याशी अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे। इस चुनाव में संख्या बल के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी की 2 सीटों पर जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है। इन 2 सीटों के लिए भाजपा आलाकमान किस चेहरे पर दांव खेलेगा, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ था। इसी बीच पूर्व आईआरएस (IRS) अधिकारी सुनीता बैंसला के नाम ने अचानक एंट्री मारकर सबको हैरान कर दिया है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी इस बार किसी स्थापित नेता के बजाय सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र का बड़ा अनुभव रखने वाले चेहरे को उच्च सदन में भेज सकती है। ऐसे में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की बेटी सुनीता बैंसला का नाम चर्चा में आने के पीछे कई मजबूत प्रशासनिक, पारिवारिक और सबसे बढ़कर बड़े सामाजिक-राजनीतिक कारण छिपे हुए हैं।

कौन हैं सुनीता बैंसला?

सुनीता बैंसला का नाम केवल कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की बेटी होने के नाते ही बड़ा नहीं है, बल्कि उनकी अपनी एक बहुत मजबूत और विशिष्ट प्रशासनिक पहचान रही है। वे विशेष पिछड़ा वर्ग (MBC) के अंतर्गत आने वाले गुर्जर समाज की पहली महिला भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं। उन्होंने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास कर प्रशासनिक क्षेत्र में कदम रखा था।

सुनीता बैंसला ने आयकर विभाग में एक लंबा, बेदाग और शानदार करियर जिया है। वे अपने सेवाकाल के दौरान राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रिंसिपल कमिश्नर और बाद में विभाग के सर्वोच्च पदों में से एक- आयकर मुख्य आयुक्तजैसे शीर्ष पद पर कार्यरत रहीं। हाल ही में वे इस उच्च प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुई हैं, जिसके बाद से वे सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय हैं।

कर्नल बैंसला की वैचारिक विरासत को कर रहीं मजबूत

मार्च 2022 में राजस्थान के गुर्जर नेता और गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रणेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निधन के बाद से ही सुनीता बैंसला उनके सामाजिक कार्यों और वैचारिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं। वे कर्नल साहब के जीवन दर्शन और उनके सिद्धांतों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के काम में जुटी हुई हैं।

सुनीता बैंसला ने अपने स्वर्गीय पिता के ऐतिहासिक भाषणों, विचारों और जीवन के कड़े सिद्धांतों को संकलित कर 'हिम्मत, मेहनत और नियत' नामक एक अत्यंत प्रेरणादायक पुस्तक भी लिखी है। इस पुस्तक का विमोचन पूर्व सेना प्रमुख और वर्तमान केंद्रीय मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वी.के. सिंह द्वारा किया गया था।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय सेना पर आधारित एक और महत्वपूर्ण पुस्तक 'एक सैनिक की डायरी' के संपादन में भी अपनी मुख्य भूमिका निभाई, जिसका विमोचन वर्तमान सीडीएस (CDS) जनरल अनिल चौहान ने किया था। यह उनकी मजबूत राष्ट्रवादी और अनुशासित पृष्ठभूमि को प्रदर्शित करता है।

"अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य'', जमीनी स्तर पर सक्रियता

सुनीता बैंसला पिछले कुछ समय से राजस्थान के ग्रामीण और विशेष रूप से एमबीसी (MBC) बाहुल्य क्षेत्रों में बेहद सक्रिय नजर आ रही हैं। वे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला द्वारा दिए गए मूल सामाजिक मंत्र- "अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, पढ़ी-लिखी मां और कर्ज मुक्त समाज" के विचार को धरातल पर पूरी मजबूती के साथ प्रमोट कर रही हैं।

उनका मुख्य ध्यान समाज में बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और शादियों व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में होने वाले फिजूलखर्च को रोककर समाज को कर्ज के दलदल से बाहर निकालने पर केंद्रित है।

एक पूर्व उच्च नौकरशाह होने के कारण युवाओं और विशेषकर महिलाओं के बीच उनकी बातों का बहुत गहरा और सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है, जो उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता को और अधिक मजबूत बनाता है।

नाम के अचानक चर्चा में आने की 3 वजहें

राजस्थान की राजनीति के जानकारों के अनुसार, भाजपा आलाकमान द्वारा राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में सुनीता बैंसला के नाम पर बेहद गंभीरता से विचार किए जाने के पीछे 3 बड़े रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं:

एमबीसी वर्ग और गुर्जर समाज को बड़ा संदेश: राजस्थान में गुर्जर समाज एक बहुत बड़ा और प्रभावी वोट बैंक है। कर्नल बैंसला के परिवार से सुनीता बैंसला को देश के उच्च सदन (राज्यसभा) में भेजकर भाजपा पूरे एमबीसी समाज को एक बेहद सकारात्मक और बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है।

महिला प्रतिनिधित्व और शिक्षित चेहरा: भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हमेशा से संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उच्च शिक्षित, अनुभवी प्रोफेशनल्स को आगे लाने की वकालत करता रहा है। सुनीता बैंसला एक पूर्व शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिससे पार्टी की 'क्लीन और एजुकेटेड' इमेज को बल मिलेगा।

पारिवारिक संतुलन और दिल्ली का भरोसा: सुनीता बैंसला ने हाल ही में नई दिल्ली में भाजपा के कई शीर्ष और कद्दावर राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की है। उनके भाई विजय बैंसला भी भाजपा में एक सक्रिय राजनेता हैं, जिन्होंने कर्नल साहब के साथ ही 2019 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके अलावा उनके दो बड़े भाई भारतीय सेना में उच्च पदों पर देश की सेवा कर चुके हैं, जिनमें कर्नल दौलत सिंह बैंसला और मेजर जनरल जय सिंह बैंसला के नाम शामिल हैं। इस देशभक्त और अनुशासित पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण वे संघ (RSS) और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पसंद बनकर उभरी हैं।