जयपुर

Jaipur: खाटूश्यामजी पदयात्रा में बड़ा हादसा; ध्वजा के गीले डंडे में करंट दौड़ने से पदयात्री की मौत, घर-परिवार में मचा कोहराम

Khatu Shyamji padyatra accident: जयपुर जिले में खोराबीसल थाना क्षेत्र के रोजदा गांव से खाटूश्यामजी के लिए रवाना हुई 21वीं पदयात्रा में 11 केवी विद्युत लाइन से ध्वजा का गीला डंडा छूने से दौड़े करंट से पदयात्री दिनेश प्रजापत की मौत हो गई।
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Feb 23, 2026
खाटूश्यामजी जा रहे पदयात्री दिनेश प्रजापत की करंट लगने से मौत, पत्रिका फोटो
खाटूश्यामजी जा रहे पदयात्री दिनेश प्रजापत की करंट लगने से मौत, पत्रिका फोटो

Khatu Shyamji padyatra accident: जयपुर जिले में खोराबीसल थाना क्षेत्र के रोजदा गांव से खाटूश्यामजी के लिए रवाना हुई 21वीं पदयात्रा दूसरे दिन सोमवार सुबह हस्तेड़ा क्षेत्र से गुजर रही थी कि मंढा-भिंड़ा-हस्तेडा सड़क मार्ग पर कर्नल फार्म के पास सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन से ध्वजा स्पर्श करने से उसके गीले डंडे में करंट दौड़ गया, जिससे ध्वजा थामे सबसे आगे चल रहे पदयात्री दिनेश प्रजापत अचेत हो गया।

सह पदयात्री उसे उठाकर हस्तेड़ा के राजकीय चिकित्सालय में ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया। बाद में उसे चौमूं के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हस्तेड़ा चौकी पुलिस ने चौमूं के उप जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन को सौंप दिया गया। इसके बाद सभी पदयात्री यात्रा निरस्त कर रोजदा लौट गए। मृतक के घर परिवार में कोहराम मच गया। बाद में गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

सुबह उत्साह से रवाना हुए थे पदयात्री

मृतक दिनेश कुमार प्रजापत निवासी रोजदा के भाई राजू व छीतर प्रजापत ने बताया कि रविवार सुबह रोजदा गांव से बड़े उत्साह से दिनेश व उसके साथ अन्य पदयात्री खाटूश्यामजी की झांकी सजा और ध्वजा लेकर रवाना हुए थे। पदयात्रा जालसू, रायथल, घिनोई होते हुए रविवार देर शाम मंढा-भिंड़ा पहुंची, जहां पदयात्रियों ने निजी स्कूल में रात्रि विश्राम किया।

सोमवार सुबह आठ बजे पदयात्रा नाचते-गाते खाटूश्यामजी के लिए रवाना हुए। दिनेश प्रजापत (28) पुत्र स्वर्गीय श्रवणलाल सबसे आगे पदयात्रा की ध्वजा लेकर चल रहा था। मंढा-भिंड़ा-हस्तेडा सड़क मार्ग पर कर्नल फार्म के पास 11 हजार केवी विद्युत लाइन के झंड़ा टच होने पर झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह विवाहिता था और एक पुत्र व एक पुत्री है। वह तीन भाइयों में मंझला था।

विद्युत लाइन नीचे होने के कारण हादसा

पदयात्रा समिति के हेमराज गांधी ने बताया कि हस्तेड़ा़ की सीमा पर जहां करंट से युवक की मौत हुई है, वहां रास्ते पर सड़क की ऊंचाई अधिक होने से बिजली की लाइन नीचे हो गई और यही लाइन पदयात्री दिनेश की मौत का कारण बन गई। घटनास्थल पर बारिश के कारण गीलापन भी था जिससे करंट के कारण हादसा घटित हुआ।

परिजन हुए बेसुध

रोजदा गांव में दिनेश का शव जैसे ही घर लाया गया तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां गुलाब देवी, पत्नी पूजा भाई राकेश, पवन आदि परिजन बेसुध हो गए। वहीं सात वर्षीय बेटे चंदू, तीन साल की मासूम बेटी प्रियांशी को तो यह भी पता नहीं था कि उनके पापा अब इस दुनिया में नहीं है और अब उनको गोद में कौन खिलाएगा।

करंट से परिवार में दूसरी मौत

दिनेश के परिवार में इससे पहले उसके ताऊ के बेटे पंकज की भी करंट से मौत हुई थी। वहीं पिता श्रवणलाल की भी करीब चार साल पहले मौत हो गई थी। स्थानीय उत्तम शर्मा ने बताया कि रोजदा से खाटूश्यामजी की पदयात्रा दिनेश के पिता श्रवणलाल प्रजापत की पहल पर वर्ष 2004 में हुई थी। पिता श्रवण की मौत के बाद यह जिम्मेदारी दिनेश ने संभाली थी।

आर्थिक सहायता की मांग

जिला परिषद सदस्य अचरज कंवर व पंचायत समिति सदस्य जयराम कुमावत समेत अन्य लोगों ने सरकार से घटना के लिए जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता राशि दिलवाने की मांग की है।

Updated on:
23 Feb 2026 11:30 pm
Published on:
23 Feb 2026 11:30 pm