
देवेंद्र सिंह राठौड़ / जयपुर. मुहाना मंडी में इन दिनों अदरक के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। व्यापारियों के मुताबिक आवक में लगातार कमी के चलते भाव डेढ़ महीने की तुलना में दोगुना तक बढ़ गए है। दूसरा बड़ा कारण हैं कि साइज में मोटी और लंबी होने से आमजन केवल बेंगलुरू की अदरक को ज्यादा और झारखंड और उत्तरप्रदेश में होने वाली अदरक को कम पसंद करते है। इसलिए बेंगलूरू डिमांड में रहती है और आवक कम होने से भाव मे तुरंत इजाफा हो जाता है।
2 सप्ताह में 30 से 45 फीसदी तक बढ़ोत्तरी
इन दिनों एशिया की सबसे बड़ी मंडी मुहाना मंडी में अदरक की प्रतिदिन 30 से 40 टन ही अदरक की आवक हो रही है। बात करें भाव की तो 2 सप्ताह में 30 से 45 फीसदी तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। तीन दशक से अदरक बेच रहे थोक व्यापारी गोविंद बिहारी के मुताबिक डेढ़ महीने से आवक प्रभावित हो रही है। जिसके चलते थोक भाव 60-80 रुपए प्रतिकिलो से 150 रुपए तक पहुंच गए। जबकि खुदरा में भी भाव 150 से 180 तक पहुंच गए है। यह असर करीब एक महीने तक बरकार रहेगा।
फल-सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर ने बताया कि मंडी में इस साल पिछले साल की तुलना मेें अदरक की आवक दस फीसदी कम हुई है। संभवत 10 जुलाई के बाद बेंगलूरू से नई अदरक आना शुरू हो जाएगी। उसके बाद भाव स्थिर हो जाएंगे। जब तक असर बरकरार रहेगा।
इधर सब्जी का गणित भी बिगड़ा -
मंडी में इन दिनों मौसम की मार से लोकल सब्जियों की आवक भी घटी है। व्यापारियों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में ज्यादा असर है। देखा जाए तो टिण्डे, टमाटर, मिर्च, लोकी समेत कुछेक सब्जियां ही लोकल में आ रही है। जबकि कद्दू, लोकी, आलू व मिर्च उत्तरप्रदेश से तो हरी मिर्च गुजरात, फूलगोभी हिमाचल से आ रही है।
टमाटर पर भी दिखेगा असर -
मुहाना मंडी सब्जी व्यापारी विक्की ने बताया कि चौमूं से टमाटर आ रहा हैं, लेकिन बारिश के बाद आवक कम हो जाएगी। इसके अलावा कद्दू समेत कुछेक सब्जियों की आवक अचानक तेज हो जाएगी। जिससे भाव में कमी होगी। फिलहाल शिमला मिर्च और चाइनीज खीरा भी महंगा है।