
कयूम खान कोर्ट में पेश (पत्रिका फोटो)
Jaipur Firecracker Factory Blast Qayoom Khan: जयपुर: राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और मकान मालिक कयूम खान को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। हादसे के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अब कयूम खान को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी, ताकि इस अवैध काले कारोबार से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी कयूम खान के चेहरे पर डर और पछतावा साफ देखा गया। उसने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी सफाई देते हुए कहा, मैंने तो सिर्फ वह मकान किराए पर दी थी। मुझे नहीं पता था कि वहां इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। कोर्ट ने आरोपी कयूम खान को पुलिस रिमांड पर भेजा है। 20 जून को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कयूम ने कहा, हादसे के बाद मैं बुरी तरह डर गया था। इसी डर के कारण मैं फरार हो गया था। इस ब्लास्ट में जिन आठ मासूम लोगों की जान गई है, मुझे उनकी मौत का बेहद अफसोस है।
फैक्ट्री में काम करने वाले बचे हुए मजदूरों और स्थानीय लोगों के बयानों से इस अवैध कारखाने का एक बेहद खौफनाक और काला सच सामने आया है। जांच में सामने आया है कि फरार आरोपी याकूब इस अवैध फैक्ट्री को बेहद सख्त नियमों के साथ चलाता था। वहां काम करने वाले गरीब मजदूरों को बंधुआ जैसी स्थिति में रखा जाता था।
मजदूरों ने खुलासा किया कि याकूब के नियम इतने कड़े थे कि वह किसी भी बाहरी व्यक्ति या यहां तक कि मजदूरों के परिवार वालों को भी अंदर झांकने तक नहीं देता था। बारूद और खतरनाक रसायनों के बीच बेहद कम रोशनी और बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से दिन-रात काम कराया जाता था। सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
रिहायशी इलाके करीम नगर (बी तलाई) में इतने बड़े पैमाने पर बारूद का खेल चल रहा था और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं थी, इसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खोह नागोरियान थानाधिकारी समेत 8 पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया है।
पुलिस ने इलाके के करीब 500 से अधिक घरों की सघन तलाशी ली है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 100 संदिग्ध अवैध गोदामों को चिन्हित किया है, जिनमें से 30 से अधिक अवैध व्यावसायिक गोदामों को तुरंत सीज कर दिया गया है। इस सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध और मिलावटी पनीर जैसी अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद की हैं।
पुलिस और जिला प्रशासन की जांच केवल पटाखा ब्लास्ट तक ही सीमित नहीं है। मामले की कड़ियां जोड़ने पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। कयूम खान और याकूब खान का संबंध इलाके में चल रहे एक बड़े लैंड स्कैम से भी जुड़ा हुआ है।
आरोप है कि इन लोगों ने इलाके की सरकारी, चारागाह या विवादित जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करके और उनके फर्जी कागजात तैयार करके अवैध निर्माण किए थे। इसी तरह की एक अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन और बिना प्रशासनिक स्वीकृति के बने मकान में यह पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी। पुलिस अब इनके वित्तीय लेन-देन, भू-माफिया कनेक्शन और इस लैंड स्कैम की फाइलें भी खंगाल रही है।
9 जून की सुबह हुए इस भीषण धमाके ने पूरे जयपुर को दहला दिया था। रिहायशी इलाके के एक छोटे से मकान में भारी मात्रा में रखे बारूद में अचानक आग लग गई थी, जिससे हुए सिलसिलेवार धमाकों में दो सगे भाइयों समेत आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
मुख्य आरोपी कयूम खान पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है, लेकिन इस पूरे खेल के दो अन्य मुख्य मास्टरमाइंड फिरोज और याकूब अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपनी टीमें भेजी हैं।
Updated on:
17 Jun 2026 02:45 pm
Published on:
17 Jun 2026 02:22 pm
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