Jaipur Metro Phase-2 : जयपुर मेट्रो फेज-2 की सभी निविदाएं 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए जयपुर मेट्रो के अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है।
Jaipur Metro Phase-2 : जयपुर मेट्रो फेज-2 की सभी निविदाएं 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए जयपुर मेट्रो के अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है। तीन पैकेज के तहत 9 से 11 किमी के अलग-अलग निविदाएं निकाली जाएंगी। दरअसल, बीते दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मेट्रो विस्तार को लेकर बैठक ली थी। उसमें चरणबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद मेट्रो प्रशासन सक्रिय हुआ है। माना जा रहा है अगले सप्ताह निविदाएं निकाल दी जाएंगी और पूरी प्रक्रिया को 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
मेट्रो फेज-2 में स्टेच्यू सर्कल और अम्बेडकर सर्कल को जोड़ने की मांग की है। जयपुर निवासी बृजेश शर्मा ने कहा कि इन दोनों जगहों पर कार्यालय बनेंगे तो हाईकोर्ट, सचिवालय, एजी ऑफिस, आयकर विभाग, जीएसटी ऑफिस, योजना भवन, उद्योग भवन, स्वास्थ्य भवन सहित कई सरकारी विभागों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने दिल्ली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन जैसे प्रमुख सरकारी कार्यालय मेट्रो से सीधे जुड़े हैं। इससे यात्रियों की संख्या बढ़ी है और सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम हुआ है।
प्रह्लादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें 10 स्टेशन बनेंगे। इस हिस्से में 1145 करोड़ रुपए खर्च होंगे। करीब 34 माह में यह काम पूरा होगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को केंद्र सरकार ने 8 अप्रेल को मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। यह परियोजना प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक 41 किमी लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर विकसित होगी। इस पर 13,038 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना का काम राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड करेगा। इसमें 50 फीसदी पैसा केन्द्र सरकार और 50 फीसदी पैसा राज्य सरकार वहन करेगी। अभी मेट्रो में प्रतिदिन 60 हजार यात्री सफर करते हैं। फेज-2 के शुरू होने पर यह संख्या 30 लाख से अधिक हो जाएगी। प्रस्तावित 36 स्टेशन में से 34 एलीवेटेड और 2 अंडरग्राउंड है।
प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक बनने वाले इस कॉरिडोर में सीतापुर, दुर्गापुर, गांधीनगर, रामबाग सर्किल, एसएमएस अस्पताल, खासा कोठी, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद जयपुर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और शहर स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।