
प्रतीकात्मक फोटो पत्रिका
Jaipur : जयपुर की यह ह्यूमन एंगल स्टोरी पढ़कर आप उस पत्नी की तारीफ करते नहीं चूकेंगे। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पत्नी ने अपने पति को लिवर डोनेट कर उसे नया जीवन दिया है। सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। हेपाटो-पैनक्रिएटो-बिलियरी विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल सर्जरी कर एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। चिकित्सकों के अनुसार ट्रांसप्लांट के बाद पति और पत्नी दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है। सर्जरी के दौरान पत्नी के लिवर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा लिया गया।
इस संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि मरीज गंभीर लिवर बीमारी से ग्रस्त था। उसे पीलिया, पेट में पानी भरना, खून का पतला होना और दिमाग पर बार-बार असर जैसी गंभीर समस्याएं थीं। मरीज की स्थिति को देखते हुए जब डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी, तो उसकी पत्नी ने आगे बढ़कर स्वेच्छा से लिवर डोनेट करने का निर्णय लिया। डोनर की सभी जरूरी जांच के बाद उसे सर्जरी के लिए फिट पाया गया और ट्रांसप्लांट का फैसला लिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक ट्रांसप्लांट के लिए सर्जरी सुबह साढ़े छह बजे शुरू हुई, जो रात करीब ढाई बजे तक चली। इस दौरान तीन चरणों में प्रक्रिया पूरी की गई। पहले डोनर से लिवर का हिस्सा निकाला गया, दूसरे चरण में मरीज का खराब लिवर हटाया गया और तीसरे चरण में ट्रांसप्लांट किया गया।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी अस्पताल में चार महीने पूर्व एक सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था।
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. दिनेश भारती, डॉ. आशुतोष पंचोली, डॉ. रघुराम, डॉ. पूनम, डॉ. ममता, डॉ. महिपाल, डॉ. योगेश, डॉ. संजय, डॉ. गीतांश और डॉ. सौविक की टीम शामिल रही।
वहीं एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों के साथ इंटरवेंशन रेडियोलॉजी के डॉ. मीनू बगरहट्टा, डॉ. अनु भंडारी और डॉ. नरेश मंगलहारा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Updated on:
10 Apr 2026 07:52 am
Published on:
10 Apr 2026 07:52 am
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