जयपुर

जयपुर निगम चुनाव: सिविल लाइंस में पार्टियों के अंदर भितरघात की आशंका, सीवरेज-सड़क के मुद्दे हावी; जानें ग्राउंड रिपोर्ट

Rajasthan Nikay Election: जयपुर के सिविल लाइंस के 16 वार्डों में BJP-कांग्रेस के बीच मुकाबला है। सीवरेज, सड़क और भितरघात जैसे मुद्दे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
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Sep 07, 2026
jaipur civil lines bjp congress
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जयपुर। सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र शहर के वीवीआईपी और पॉश इलाकों में शुमार है। यहां मेट्रो की रफ्तार और बड़े सरकारी-आवासीय क्षेत्र विकास की तस्वीर दिखाते हैं, लेकिन जमीन पर आमजन अब भी मूलभूत सुविधाओं के सवालों से जूझ रहा है। स्थानीय मुद्दे निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की परीक्षा लेंगे। 16 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है। कांग्रेस ने कई नए चेहरों पर दांव लगाया है, जबकि भाजपा के सामने कुछ मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सेंध लगाने की चुनौती है। कांग्रेस को भी भितरघात की चिंता है।

प्रमुख नेता

भाजपा: गोपाल शर्मा, अरुण चतुर्वेदी, रणजीत सिंह सोडाला

कांग्रेस: प्रताप सिंह खाचरियावास

श्रेणी / विवरणवार्डमतदाता संख्या
सर्वाधिक मतदातावार्ड 9023,770
सबसे कम मतदातावार्ड 934,838
कुल मतदातासिविल लाइंस (सभी 16 वार्ड)2,45,040

वार्ड वार मुकाबले

  • 88: शशि मिश्रा भाजपा से और श्रुति शर्मा कांग्रेस से आमने-सामने।
  • 89: भवानी सिंह राजावत भाजपा से और प्रकाश बागड़ा कांग्रेस से।
  • 90: सरोज कंवर भाजपा से और ममता जांगिड़ कांग्रेस से।
  • 91: विनोद यादव भाजपा से और सीताराम मेहरा कांग्रेस से प्रत्याशी।
  • 92: शीला शर्मा भाजपा से और उषा देवी कांग्रेस से प्रत्याशी।
  • 93: मुकेश जैमन भाजपा, जितेंद्र शर्मा कांग्रेस
  • 94: सुनीता मेहरा भाजपा, संतोष सूद कांग्रेस :
  • 95: अमित चौपड़ा भाजपा, मानवेंद्र सिंह शेखावत कांग्रेस :
  • 96: अमित सारवान भाजपा से और वसीम चौहान कांग्रेस से उम्मीदवार।
  • 97: शशि शर्मा भाजपा से और महेंद्र सिंह प्रागपुरा कांग्रेस से प्रत्याशी।
  • 98: सुभाष सिंधी भाजपा से और राजकुमार बागड़ा कांग्रेस से प्रत्याशी।
  • 99: मनीष पारीक भाजपा से और सतेंद्र सिंह कांग्रेस से उम्मीदवार। भाजपा बूथ नेटवर्क के सहारे बढ़त लेने की कोशिश करेगी। कांग्रेस को सतेंद्र सिंह के व्यक्तिगत संपर्क को पार्टी वोट के साथ जोड़ना होगा।
  • 100 विनिता कूलवाल भाजपा, कविता शर्मा कांग्रेस : महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में स्थानीय मुद्दे प्रमुख चुनावी हथियार बन सकते हैं। दोनों प्रत्याशियों को महिलाओं के साथ-साथ परिवार आधारित वोटों को साधना होगा।
  • 101 रवि शंकर शर्मा भाजपा, दुर्गेश शर्मा कांग्रेस : एक ही सामाजिक नाम-पहचान वाले प्रत्याशियों के कारण व्यक्तिगत पहचान और संगठन दोनों महत्वपूर्ण होंगे। भाजपा अपने मजबूत बूथ नेटवर्क के जरिए बढ़त लेने का प्रयास करेगी। कांग्रेस के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट कर वोट ट्रांसफर कराने की चुनौती होगी।
  • 102 आरती गुर्जर भाजपा, शीला गुर्जर कांग्रेस : यहां केवल पार्टी का वोट बैंक ही नहीं, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ भी महत्वपूर्ण होगी। भाजपा संगठन के जरिए माहौल मजबूत करने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर वोटों का बिखराव रोकना होगा।
  • 103 मनोज चांवरिया भाजपा, मोहम्मद हनीफ कांग्रेस: भाजपा संगठन के सहारे बढ़त की कोशिश करेगी। कांग्रेस प्रत्याशी के सामने अपने प्रभाव वाले मतदाताओं को मतदान तक सक्रिय रखने की चुनौती होगी।

चुनावी मुद्दे

  • सुशीलपुरा में जर्जर सीवरेज लाइनों की समस्या
  • हसनपुरा में सड़क पर अतिक्रमण
  • राधाविहार कॉलोनी में सीवरेज लाइन डालने के बाद गड्ढे

टिकट में भूमिका

  • भाजपा : क्षेत्रीय विधायक गोपाल शर्मा और राजस्थान वित्त आयोग के चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी की भूमिका प्रभावी रही।
  • कांग्रेस : कांग्रेस में टिकट वितरण के लिए पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का रोल अहम।

"सड़क, सीवरेज की समस्या का सबसे पहले समाधान हो। इस बार चुनावी वादें धरातल पर नजर आए।"
— नीरज शर्मा, सिविल लाइन
"हसनपुरा में अतिक्रमण सबसे बड़ी परेशानी है। नगर निगम दस्ता भी कार्रवाई करने से बचता है। कचरा संग्रहण पुख्ता हो।"
— निधि सिंह, सोडाला

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