
जयपुर. नगर निगम चुनाव में शुक्रवार को मतदान से कुछ घंटे पहले गुरुवार देर रात शहर के कई इलाकों में मतदाताओं को शराब बांटने का खेल चला। कच्ची बस्तियों से लेकर अन्य कॉलोनियों में कार और दो पहिया वाहनों से शराब मतदाताओं तक पहुंचाई गई। मतदाताओं के हिसाब से देशी और अंग्रेजी उपलब्ध करवाई गई। जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइंस, हवामहल, किशनपोल, आदर्श नगर और झोटवाड़ा सहित शहर के कई इलाकों में अलग-अलग समूहों के जरिए शराब बांटी गई।
शराब वितरण का यह खेल देर रात तक चला। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए शराब बांटने के आरोप सामने आने से चुनावी माहौल गरमा गया। सबसे अधिक चर्चा उन इलाकों की रही, जहां कम आय वर्ग और कच्ची बस्तियों में बड़ी संख्या में मतदाता रहते हैं। मतदान से ठीक पहले हुई इस गतिविधि ने पुलिस और निर्वाचन आयोग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में आज शुक्रवार सुबह 7 बजे से जयपुर सहित प्रदेश के 6 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 121 नगर पालिकाओं में मतदान शुरू हो गया है। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 309 नगरीय निकायों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
दूसरे चरण में 4852 वार्डों के लिए 9758 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन केंद्रों पर कुल 87,60,884 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और 18,266 प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चार नगर निगमों सहित 162 नगरीय निकायों के लिए बुधवार को हुए मतदान के अंतिम आंकड़े गुरुवार को जारी किए। इसके अनुसार पहले चरण 76.41% मतदान हुआ। 91.98% मतदान के साथ सबसे आगे प्रतापगढ़ की अरनोद नगर पालिका रही। वहीं भीलवाड़ा नगर निगम में सबसे कम 63.84% मतदान हुआ। आयोग ने मतदान के बाद अनुमानित 76.04% मतदान और चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में सबसे कम 61.49% मतदान होने की जानकारी दी, जो संशोधित होने के बाद कुल मतदान 76.41% तथा चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में मतदान 68.15% हो गया।
अब सभी की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर हैं। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी और इसके बाद चुनाव परिणाम सामने आएंगे। वहीं नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव कराया जाएगा।
उधर, पंचायती राज संस्थाओं के वार्ड सदस्यों के निर्वाचन के लिए 17 और 18 सितंबर को लॉटरी की तारीख तय है। लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा।