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राजस्थान निकाय चुनाव: BJP-कांग्रेस में बाड़ेबंदी की होड़, हजारों प्रत्याशी रिसॉर्ट्स में; निर्दलीयों पर क्यों टिका गणित?

राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदान के बाद अब तक 11 हजार से ज्यादा प्रत्याशियों की 'बाड़ेबंदी' की गई है। दूसरे चरण के बाद करीब 10 हजार और प्रत्याशी सुरक्षित ठिकानों पर भेजे जाएंगे। बोर्ड गठन तक करीब 21 हजार प्रत्याशियों को होटल-रिसोर्ट में रखे जाने की उम्मीद है।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 11 Sep 2026, 8:04 AM IST

rajasthan civic polls

रिसॉर्ट में क्रिकेट खेलते प्रत्याशी (पत्रिका फोटो)

Rajasthan Local Body Elections Candidates Confinement: निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने अपना प्रत्याशी चुन लिया, लेकिन राजनीतिक दलों की परीक्षा अभी खत्म नहीं हुई। पहले चरण के 162 निकायों में मतदान के बाद 11 हजार से ज्यादा प्रत्याशी होटल-रिसोर्ट में पहुंच गए हैं। शुक्रवार को दूसरे चरण के 147 निकायों में मतदान खत्म होते ही करीब 10 हजार और प्रत्याशियों की किलेबंदी शुरू हो जाएगी। यानी करीब 21 हजार प्रत्याशी बोर्ड बनने तक 'सुरक्षित' रखे जाएंगे।

बता दें कि 14 सितंबर को मतगणना में हारने वाले बाहर होंगे, जबकि जीतने वालों की 21 सितंबर तक आवभगत होगी। खास बात यह है कि बाड़ाबंदी में भाजपा-कांग्रेस ही नहीं, निर्दलीय भी आगे हैं। भरतपुर निगम और सीकर की कुछ नगर पालिकाओं में निर्दलीयों ने अपने समर्थकों के साथ बाड़ाबंदी की है। वहीं, बाड़मेर में कांग्रेस के दो गुटों में प्रत्याशी रखे जाना चर्चा में है।

इस किलेबंदी का असल मकसद बोर्ड के गणित को सुरक्षित रखना है। महापौर, सभापति और अध्यक्ष के चुनाव तक भाजपा-कांग्रेस अपने प्रत्याशियों के साथ मजबूत निर्दलीयों को भी साधे रखेंगी। यही वजह है कि मतदान खत्म होते ही 'ऑपरेशन बोर्ड' शुरू हो गया है।

खर्च करोड़ों में…बिल किसके नाम?

एक प्रत्याशी पर रोजाना औसतन 10 हजार रुपए खर्च का अनुमान है। 11 हजार प्रत्याशियों के हिसाब से यह खर्च करीब 11 करोड़ रुपए प्रतिदिन बैठता है। दूसरे चरण के मतदान के बाद शुक्रवार से करीब 10 हजार प्रत्याशी और शामिल हुए तो यह खर्च करीब 21 करोड़ से अधिक पहुंच सकता है। राजनीतिक गलियारों में सवाल भी है कि इस खर्च की भरपाई आखिर कैसे होगी?

'वोटों' की रखवाली…पहले चरण में करीब 9 हजार

भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी और 2 हजार से ज्यादा निर्दलीय सुरक्षित ठिकानों पर हैं। होटल, रिसोर्ट और फार्म हाउस में खान-पान से लेकर मनोरंजन तक की व्यवस्था है। ज्यादातर जगह फोन बंद करा दिए गए हैं। कुछ जगह परिजन और बच्चे भी साथ हैं। धार्मिक पर्यटन के लिए पुष्कर, माउंट आबू, द्वारका, मथुरा-वृंदावन के साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर ले जाने की भी सूचना है।

भिवाड़ी: रिसॉर्ट में जमा प्रत्याशी, फुर्सत में क्रिकेट मैच

भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को पटौदी रोड स्थित एक रिसॉर्ट में भेजा गया है। शाम तक करीब 40 प्रत्याशी एकत्रित हो चुके थे। एक पूर्व पूर्व चेयरमैन ने दावा किया कि 57 प्रत्याशियों को एक साथ रखा है। निर्दलीय को भी लेकर गए हैं। कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों को संभालने की जिम्मेदारी पूर्व विधायक संदीप यादव ने संभाली हुई है। यादव ने बताया कि 42 प्रत्याशी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए हैं। पांच निर्दलीय भी साथ हैं और सात निर्दलीय से संपर्क किया जा रहा है, उनको भी साथ लेकर जाएंगे।

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नगर निकाय चुनाव के बाद पार्षद प्रत्याशियों को अपने-अपने पाले में बनाए रखने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने कई जगह बाड़ाबंदी कर दी है। कई निकायों में निर्दलीय प्रत्याशी भी राजनीतिक दलों के साथ हैं।

कहां किसके जिम्मे कमान

बाड़मेर नगर परिषद
भाजपाः माउंट आबू, नेतृत्व मंत्री केके बिश्नोई, जिलाध्यक्ष अनंतराम बिश्नोई, पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा।
कांग्रेसः सम, जैसलमेर। नेतृत्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा। कांग्रेस के दो गुटों में अलग-अलग बाड़ाबंदी की चर्चा है। दूसरे गुट की बाड़ाबंदी पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने 10 से 12 निर्दलीयों के साथ की।

झालावाड़ नगर परिषद, झालरापाटन, भवानीमंडी व डग
भाजपाः पार्षदों को मध्यप्रदेश भेजा गया। नेतृत्व पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह व अन्य।
कांग्रेसः बारां में, नेतृत्व पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया।

भीलवाड़ा नगर निगम
भाजपाः जयपुर में बच्चे-रिश्तेदारों के साथ। नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा।

नगर परिषद झुंझुनूं व खेतड़ी
भाजपाः गुप्त स्थान पर। परिषद के 7 और खेतड़ी के कई निर्दलीयों के साथ। नेतृत्व विधायक राजेंद्र भांबू व खेतड़ी में विधायक धर्मपाल गुर्जर।

डूंगरपुर नगर परिषद
भाजपाः उदयपुर-डबोक मार्ग स्थित रिसोर्ट में 1 निर्दलीय के साथ। नेतृत्व चुनाव प्रभारी वीरेंद्र सिंह व महामंत्री पंकज जैन।
कांग्रेसः उदयपुर में। नेतृत्व भरत नागदा।

बांसवाड़ा नगर परिषद
भाजपा और कांग्रेस ने बाड़ाबंदी कर दी है। कांग्रेस में विधायक अर्जुन बामनिया नेतृत्व कर रहे हैं।

अलवरः नगर निगम, मालाखेड़ा, बहादुरपुर, नौगांवा, रामगढ़
भाजपाः जयपुर, हरियाणा व उत्तराखंड ले जाने की चर्चा। नेतृत्व सांसद रामचरण बोहरा, जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता और पालिकाओं के प्रभारी।
कांग्रेसः नगर निगम के प्रत्याशी जयपुर के बस्सी व बहादुरपुर में, जबकि मालाखेड़ा, रामगढ़ और नौगांवा के प्रत्याशियों को सरिस्का के एक रिसोर्ट में रखा गया है। नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, जिलाध्यक्ष प्रकाश गुप्ता, आर्यन जुबेर व अन्य।

भरतपुर नगर निगम
भाजपाः जयपुर के रूपगढ़ पैलेस में कुछ निर्दलीयों के साथ। नेतृत्व जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा, दीपराज सिंह।
कांग्रेसः कोई बाड़ाबंदी नहीं।
गठबंधनः 10 से 12 प्रत्याशी शिव विलास में। नेतृत्व पूर्व महापौर शिवसिंह भोंट।

कोटपूतली नगर परिषद
भाजपाः पुष्कर में।
कांग्रेसः सवाईमाधोपुर में बाड़ाबंदी।

जालोर नगर परिषद
भाजपाः चारभुजा-सांवरिया में। नेतृत्व नगर अध्यक्ष रवि सोलंकी, गजेंद्रसिंह सिसोदिया व पर्वत गर्ग।
कांग्रेसः गुप्त स्थान पर। नेतृत्व जिलाध्यक्ष रमिला।

बीकानेर नगर निगम
भाजपाः गुप्त स्थान पर 10 निर्दलीयों के साथ, नेतृत्व विधायक जेठानंद, शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़।
कांग्रेसः नोखा रोड पर चांद रतन पैलेस में 4 निर्दलीय के साथ, नेतृत्व पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, मदन मेघवाल।

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