
जयपुर. पहली तेज बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। थोड़ी ही देर की बारिश में सड़कें लबालब हो गईं और पानी निकलने में घंटों लग गए। जबकि, दोनों ही नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा था कि नाले साफ कर दिए गए हैं। पांच करोड़ रुपए से अधिक नाला सफाई के नाम पर खर्च किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पानी निकलने में समय लगता है। कुछ ही नाले बचे हैं, जो साफ नहीं हो पाए हैं।
इतना ही नहीं, डॉ. आरबी शारदा मार्ग पर तो सड़कों पर कई घंटे पानी भरा रहा है। यहां करंट आने से एक घोड़ा उसकी चपेट में आ गया और उसने दम तोड़ दिया। साथ ही एक बाइक सवार भी चपेट में आया। हालांकि, गनीमत रही कि वो बाइक छोड़कर भाग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनाने के दौरान यहां बहाव का ध्यान नहीं रखा गया।
सी जोन बाइपास की सर्विस रोड का बुरा हाल
परकोटे के मुकाबले शहर के अन्य इलाकों में बारिश कम हुई। लेकिन यहां भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सी जोन बाइपास की सर्विस रोड पर पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से वाहन चालक परेशान रहे। पास की कॉलोनियों में पानी जाना शुरू हो गया।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 29 जून को शीर्षक 'जिम्मेदारों की उलटी चाल..पानी निकासी नहीं, सड़कें चमकाने पर ध्यानÓ से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि सी जोन बाइपास के दोनों ओर नालियां तो बना दीं, लेकिन पुलियाओं पर इनको जोड़ा नहीं गया है।