
राजस्थान में कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने और गंभीर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से एक बड़े पुलिस एक्शन को अंजाम दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शुक्रवार की अलसुबह ठीक 4 बजे से जयपुर पुलिस रेंज के सभी संवेदनशील इलाकों में एक साथ 'एरिया डोमिशन' अभियान की शुरुआत की गई। इस पुलिसिया ऑपरेशन की कमान खुद जयपुर रेंज के महानिरीक्षक (IG) राहुल प्रकाश संभाल रहे हैं, जिनकी मॉनिटरिंग के चलते रेंज के सभी प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षक खुद पुलिस फोर्स के साथ ग्राउंड जीरो पर तैनात नजर आए। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
चिन्हित अपराध प्रभावित क्षेत्रों और हार्डकोर अपराधियों के ठिकानों पर लगातार दी जा रही इन दबिशों का मुख्य फोकस साइबर फ्रॉड गैंग, कुख्यात गैंगस्टर, अवैध हथियार रखने वाले बदमाशों, एनडीपीएस मादक पदार्थ तस्करों और साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करना है।
जयपुर रेंज पुलिस ने इस अभियान के तहत अलग-अलग जिलों की भौगोलिक स्थिति और वहां सक्रिय अपराध के आधार पर एक कस्टमाइज्ड एक्शन प्लान तैयार किया है।
साइबर ठगी पर प्रहार: अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों के उन गांवों और इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया गया जो देश भर में साइबर क्राइम हॉटस्पॉट्स के रूप में बदनाम हो चुके हैं।
मेवात गैंग पर शिकंजा: ऑनलाइन ठगी और फर्जी ओएलएक्स (OLX) या लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगने वाली मेवात गैंग के गुप्त ठिकानों पर पुलिस की भारी नफरी ने तड़के छापेमारी की। इसके साथ ही कई अन्य वांटेड और लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधियों को भी दबोचा गया है।
शेखावाटी क्षेत्र में हालिया वर्षों में गैंगस्टर्स और उनके गुर्गों की सक्रियता को देखते हुए सीकर और झुंझुनूं जिलों में पुलिस की रेड का पैटर्न बिल्कुल अलग रहा।
नामी गैंग्स से जुड़े सक्रिय बदमाशों, उन्हें पनाह देने वाले स्थानीय मददगारों और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले सप्लायर्स के घरों की तलाशी ली गई।
हाल के दिनों में साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर करने के लिए स्थानीय युवाओं के नाम पर खोले जाने वाले किराये के खातों यानी म्यूल बैंक खातों का जाल काफी बढ़ा है। पुलिस टीमों ने बैंक डायरियों, एटीएम (ATM) कार्ड्स और संदिग्ध सिम कार्ड्स को जब्त कर कई खाताधारकों को हिरासत में लिया है।
औद्योगिक हब होने के साथ-साथ हरियाणा सीमा से सटे होने के कारण भिवाड़ी और नवगठित कोटपूतली जिले में भी पुलिस ने बड़ी नाकाबंदी की। भिवाड़ी में मुख्य रूप से अवैध हथियारों की धरपकड़ और अंतरराज्यीय मेवात गैंग्स के मूवमेंट को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग सुबह 4 बजे से ही जारी रही।
कोटपूतली-बहरोड़ बेल्ट में अवैध हथियारों के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त तस्करों और वांटेड अपराधियों की सूची बनाकर उनके ठिकानों को एक साथ टारगेट किया गया।
रेंज के मुख्य जिलों में शामिल जयपुर के ग्रामीण इलाकों और दौसा में भी पुलिस थानों की टीमों ने अलसुबह बड़ी कार्रवाई की।जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर क्राइम से जुड़े म्यूल अकाउंट्स और एनडीपीएस से जुड़े छोटे-बड़े तस्करों के नेटवर्क पर फोकस रखा गया।
दौसा जिले में पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों जैसे कि बड़ी चोरियों, लूट और नकबजनी की वारदातों में शामिल पुराने और वांछित अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया।
आईजी राहुल प्रकाश ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राजस्थान को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाने के लिए 'एरिया डोमिनेशन' की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के जारी रहेगी, ताकि आम जनता के भीतर पुलिस का विश्वास और अपराधियों में कानून का खौफ पूरी तरह कायम हो सके।