
जयपुर। जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में सामने आए मां की हत्या की साजिश के मामले में जांच के दौरान लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पारिवारिक संपत्ति और सरकारी नौकरी के लालच में बेटी ने पूरा प्लान बनाया था। प्रताप नगर थाना पुलिस की जांच में सामने आया है कि बेटी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि घटना को सड़क हादसे का रूप देने के लिए सात लाख रुपए देकर पूरी वारदात की योजना बनाई गई।
पुलिस के अनुसार, एयरपोर्ट कॉलोनी निवासी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा ने करीब ढाई वर्ष पहले नया मकान बनवाया था। परिवार में उनकी पत्नी नीरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा हैं। करीब एक वर्ष पहले विजय शर्मा के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति का मामला सामने आया। आयुषी स्वयं नौकरी चाहती थी, लेकिन परिवार ने दिव्यांग बेटे की देखभाल को देखते हुए नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति पर नौकरी दिलाने का निर्णय लिया। इसके बाद मां और बेटी के बीच विवाद बढ़ता गया।
पुलिस के अनुसार, संपत्ति और नौकरी को लेकर मां और बेटी में दूरियां बढ़ीं। आरोप है कि बेटी आयुषी बाद में अपने चचेरे भाई के साथ रहने लगी। वहां पर कथित तौर पर उसने मां की हत्या की योजना बनाई और बदले में करोड़ों रुपए की जमीन और संपत्ति देने का लालच दिया। पुलिस के अनुसार, पहले एक बार वाहन से कुचलकर हत्या की कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी थी। इसकी भनक लगते ही नीरज शर्मा ने अपने घर पर सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए थे। बावजूद इसके आरोपियों ने नई योजना तैयार की।
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को फिजियोथेरेपी से लेकर लौट रही थीं, तभी पहले से निगरानी कर रहे आरोपियों के इशारे पर एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हुआ, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पूछताछ में साजिश की परतें खुलती चली गईं। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है।