
नीरज शर्मा और आरोपी बेटी आयुषी। फोटो: पत्रिका
Jaipur Murder Case: जयपुर। रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस बेटी को मां का सहारा बनना था, उसी ने कथित रूप से अपनी मां की हत्या की साजिश रच डाली। अनुकंपा नियुक्ति और जयपुर में दो मकान हथियाने के लालच में बेटी ने अपने ताऊ, ताऊ के बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर सात लाख रुपए की सुपारी दी और हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की बेटी व जेठ सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि 3 जुलाई को प्रतापनगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की सड़क हादसे में मौत की मर्ग दर्ज हुई थी। मृतका के भाई राकेश शर्मा ने रिपोर्ट देकर बहन की हत्या कर उसे हादसे का रूप देने की आशंका जताई थी।
सांगानेर एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि हत्या की शिकायत पर टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि वारदात से पहले एक लग्जरी कार करीब एक किलोमीटर तक महिला के पीछे पीछे धीमी गति से चल रही थी। सुनसान सड़क पर वाहन को तेज रफ्तार से महिला की ओर मोड़कर कुचल दिया।
जांच के दौरान संदिग्ध कार घटना स्थल से कुछ दूर लावारिस हालत में मिली। वाहन की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी थी और दुर्घटना के निशान मौजूद थे। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जयपुर, भरतपुर, आगरा व मथुरा में दबिश देकर सात आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो गया।
पूछताछ में आकाश ने बताया कि आयुषी व अन्य ने हेमंत को सुपारी दी थी। हेमंत ने उसको 7 लाख रुपए दिए थे। वारदात के लिए वह भरतपुर से किराए पर कार लेकर आया। वारदात के समय कार में अरविंद भी था। रोहित बाइक से साथ चलकर नीरज की लोकेशन बता रहा था।
एसीपी ने बताया कि एक साल पहले पति के निधन के बाद नीरज को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आयुषी चाहती थी कि मां की जगह उसे अनुकंपा नियुक्ति मिले। बेटी जयपुर स्थित पिता के दो मकानों पर भी अधिकार चाहती थी। दूसरी ओर मृतका का जेठ मोहन स्वरूप शर्मा व जेठ का बेटा बलराम हाईवे पर स्थित करीब पांच बीघा जमीन पर कब्जा करना चाहता थे। बेटी व जेठ ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने करीब एक माह पहले भी प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुए तो दोबारा 3 जुलाई को जब नीरज नाबालिग दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थी, तभी उसे कार से कुचल दिया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना माना जाए। पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, भरतपुर के बमनपुरा निवासी जेठ मोहन स्वरूप शर्मा, मोहित शर्मा, अरविंद शर्मा, रोहित जाटव व रूपवास के खिजूरी निवासी आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, खटनावली निवासी हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया।
Updated on:
08 Jul 2026 02:57 pm
Published on:
08 Jul 2026 12:34 pm
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