
Jaipur Pratap Nagar Murder Case - AI PIC
राजधानी जयपुर के प्रताप नगर थाना इलाके में पिछले दिनों एक 45 वर्षीय महिला की सड़क दुर्घटना में हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक़ जिस घटना को शुरुआत में एक सामान्य हिट एंड रन का मामला माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी साजिश के तहत किया गया एक जघन्य मर्डर था। पुलिस जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि मृतका की सगी बेटी भूमिका ने ही अपने ताऊ और ताऊ के लड़के के साथ मिलकर अपनी मां को रास्ते से हटाने के लिए 7 लाख रुपए की भारी-भरकम सुपारी दी थी, जिसका मुख्य मकसद मां की मौत के बाद उसकी सरकारी नौकरी अनुकंपा के आधार पर हासिल करना और परिवार की कीमती प्रॉपर्टी पर कब्जा जमाना था।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत प्रताप नगर इलाके में हुई एक कथित सड़क दुर्घटना से हुई थी, जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने 45 वर्षीय महिला को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती तौर पर परिवार के लोगों ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा बताने की कोशिश की और पुलिस में इसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
हालांकि, घटनास्थल के आस-पास के तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग और मृतका के शरीर पर आई चोटों के पैटर्न को देखकर प्रताप नगर थाना पुलिस को मामले में कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ।
डीसीपी रंजीता शर्मा के निर्देश पर जब पुलिस की एक स्पेशल टीम ने मृतका के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहराई से जांच शुरू की, तो इस अंधे कत्ल की परतें एक-एक कर खुलती चली गईं।
पुलिस की गहन पूछताछ और तकनीकी कड़ियों को जोड़ने के बाद जो सच सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। इस पूरी खूनी साजिश की मुख्य मास्टरमाइंड मृतका की अपनी सगी बेटी भूमिका ही निकली।
पुलिस के अनुसार, मृतका एक सरकारी विभाग में कार्यरत थी और बेटी भूमिका चाहती थी कि मां की असमय मृत्यु के बाद उसे नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति मिल जाए और वह सरकारी अधिकारी बन जाए। इसके साथ ही घर की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस पर भी उसका पूरा हक हो जाए। इसी अंधी महत्वाकांक्षा के चक्कर में उसने अपने सगे रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपनी ही मां की जान लेने का मन बना लिया।
प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी के इस लालच में बेटी भूमिका अकेली नहीं थी। इस खूनी खेल में उसका साथ देने के लिए मृतका के सगे जेठ (भूमिका के ताऊ) और ताऊ का बेटा भी शामिल हो गए। इन लोगों ने मिलकर पेशेवर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों से संपर्क साधा और महिला की हत्या को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए 7 लाख रुपए की राशि एडवांस और काम होने के बाद के रूप में तय की।
अपराधियों को महिला के आने-जाने के रास्ते, समय और उसकी डेली रूटीन की पूरी रेकी करवाई गई, ताकि वारदात के समय किसी भी तरह की चूक न हो और पुलिस को यह पूरी तरह से एक सामान्य रोड एक्सीडेंट ही नजर आए।
डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मर्डर मिस्ट्री के तकनीकी पहलुओं को उजागर करते हुए बताया कि आरोपी पिछले 3 महीनों से लगातार महिला की हत्या करने की प्लानिंग कर रहे थे। इससे पहले भी अपराधियों ने एक बार महिला को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय सड़क पर अत्यधिक भीड़ होने और महिला के अचानक रास्ता बदल लेने के कारण उनका पहला प्रयास पूरी तरह विफल हो गया था।
इसके बाद आरोपियों ने अपनी रणनीति बदली और पिछले दिनों सुनसान सड़क देखकर तेज रफ्तार गाड़ी से महिला को पीछे से सीधी टक्कर मार दी, जिससे उसकी जान चली गई।
जयपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरे ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी बेटी भूमिका, उसके ताऊ, चचेरे भाई और सुपारी लेकर गाड़ी से टक्कर मारने वाले शूटरों व मददगारों सहित कुल 7 आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण का एक मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा है और फरार है।
डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि फरार आरोपी बलराम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 विशेष टीमें लगातार राजस्थान और हरियाणा के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और उसे भी बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर समाज में रिश्तों के कत्ल और लालच की खौफनाक सीमा को उजागर किया है।
Updated on:
07 Jul 2026 02:25 pm
Published on:
07 Jul 2026 02:24 pm
