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राजस्थान में दर्दनाक हादसा: सीकर जिले के 3 दोस्त पहाड़ से झरने में बहे, 1 की मौत, आप न बरतें ऐसी लापरवाही

सीकर जिले के रींगस निवासी तीन दोस्त मालेश्वर धाम की पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक झरने में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में तीनों संतुलन बिगड़ गया और वे बह गए।
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Maleshwar Dham accident news

युवकों को अस्पताल ले जाती एंबुलेंस व भीड़। Photo- Patrika

चौमूं/जयपुर। सामोद थाना इलाके के महारकलां स्थित मालेश्वर धाम मंदिर में बारिश के दौरान झरने में नहाना तीन युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ। पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण झरने में पानी का बहाव कई गुना बढ़ गया, जिसकी चपेट में आकर तीन दोस्त बह गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दो युवकों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक युवक तेज बहाव में करीब आधा किलोमीटर दूर तक बह गया। बाद में पुलिस और ग्रामीणों ने उसे झाड़ियों से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

थाना प्रभारी हेमराज गुर्जर ने बताया कि सोमवार को सीकर जिले के रींगस निवासी तीन दोस्त आर्यन सांखला (23), आशीष रछोया (22) और केशव चौहान (23) सोमवार शाम मालेश्वर धाम की पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक झरने में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में तीनों संतुलन बिगड़ गया और वे बहने लगे।

100 फीट की ऊंचाई से बहा युवक, झाड़ियों में फंसा

बहाव की चपेट में आए आर्यन और आशीष को तो स्थानीय लोगों ने तुरंत बचा लिया, लेकिन केशव करीब 100 फीट की ऊंचाई से तेज बहाव में बहता चला गया। वह घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर पंचायत भवन के पीछे नदी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। चौमूं के निजी अस्पताल में केशव चौहान को मृत घोषित कर दिया। वहीं आर्यन और आशीष को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मृतक केशव चौहान अपने परिवार में 2 बहनों का इकलौता भाई था।

चेतावनी बोर्ड की अनदेखी पड़ रही भारी

थाना प्रभारी ने बताया कि मालेश्वरनाथ मंदिर के पास बने इन प्राकृतिक झरनों पर सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन की ओर से चेतावनी और सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इन पर पहाड़ियों व झरनों पर स्टंट न करने और गहरे पानी में न उतरने की सख्त हिदायत लिखी है, लेकिन पर्यटकों और युवाओं की ओर से लगातार की जा रही इन चेतावनियों की अनदेखी ऐसे हादसों का कारण बन रही है।

बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्र की चट्टानें और रास्ते बेहद फिसलन भरे हो गए थे, जबकि ढलान वाले हिस्सों में पानी का तेज बहाव बना हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। पुलिस प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में पहाड़ी इलाकों, नदी-नालों, झरनों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें। छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।