Rajasthan Private Bus Strike: निजी बसों की हड़ताल पर अब परिवहन विभाग ने भी सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने रोडवेज प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन को भी निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
जयपुर। निजी बसों की हड़ताल पर अब परिवहन विभाग ने भी सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने रोडवेज प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन को भी निगरानी रखने के लिए कहा गया है। बस ऑपरेटर्स की ओर से अगर किसी बस को जबरन रोका जाएगा तो पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इधर, जयपुर में निजी बसों की हड़ताल का असर देखने को मिला।
जयपुर शहर से करीब दो हजार बसों का संचालन नहीं हुआ। स्लीपर कोच बसों और स्टैज कैरिज बसों के संचालन नहीं होने से सिंधी कैंप और रेलवे स्टेशन पर यात्री भार बढ़ गया। रोडवेज बसों में भीड़ देखने को मिली। वहीं, खाटूश्याम मेले में निजी बसें नहीं चलने से यात्री रोडवेज बसों के ही भरोसे रहे। रोडवेज को मेले में भीड़ को देखते हुए 200 अतिरिक्त बसें लगानी पड़ी।
बस ऑपरेटर्स ने मंगलवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में बसों को खड़ी कर दिया। इसके बाद सिंधी कैंप पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद बस ऑपरेटर्स ने परिवहन मुख्यालय में वार्ता की। बस ऑपरेटर्स ने मांगों पर अधिकारियों से वार्ता की लेकिन सहमति नहीं बनी। ऐसे में ऑपरेटर्स ने हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।
इधर, निजी बसों की हड़ताल के चलते रोडवेज पर भार बढ़ गया। दिल्ली, अजमेर, सीकर, टोंक सहित अन्य बड़े शहरों के लिए बसें बंद रही। जयपुर आस-पास क्षेत्र में निजी वाहनों ने यात्रियों से किराया बढ़ाया दिया। रोडवेज के दिल्ली रूट पर वोल्वो बसों में यात्रीभार में वृदि्ध हुई।