
Jaipur Fire Tragedy : दिवाली की रोशनी से पहले जयपुर में पुरोहितजी का कटला की कई दुकानों में अंधेरा उतर गया। गुरुवार को लगी आग ने 20-25 दुकानों को ही नहीं जलाया, बल्कि कई परिवारों की महीनों की मेहनत, त्योहार की उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं भी राख कर दीं। शुक्रवार को राख के ढेर और जले हुए सामान के बीच व्यापारी अपनी किस्मत तलाशते नजर आए। आंखों में आंसू लिए व्यापारी बस यही कहते दिखे कि पहले दुकान थी, अब कुछ भी नहीं बचा। किसी पर बैंक का कर्ज है, तो किसी ने लाखों रुपए का स्टॉक उधार लिया था। अब त्योहार की खुशियों से पहले उनके सामने एक ही सवाल है कि फिर से खड़े होने में कितना वक्त लगेगा…?
वर्ष 2006 से कटला में दुकान चला रहे हैं। गुरुवार को लगी आग में दुकान का साड़ी, फॉल से जुड़ा माल जलकर राख हो गया। रात को सोने गए थे तो व्यापारी थे और अगले दिन उठे तो सड़क पर आ गए। वर्षों की मेहनत एक दिन में ही खत्म हो गई। बैंक से लोन भी ले रखा है। आग में बही-खाते तक जल गए। इस मुश्किल घड़ी में सरकार को व्यापारियों की मदद करनी चाहिए।
राजेश कुमार जैन, व्यापारी
कई वर्षों से पुरोहितजी का कटला में सीजनल दुकान चला रहे हैं। कुछ दिन पहले ही एक दुकान किराये पर ली थी। दिवाली के सीजन को देखते हुए दो-तीन दिन पहले स्टॉक मंगवाया था। इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद थी। माल भी नहीं बचा और अब दोबारा पूंजी जुटाने की चिंता भी है।
कमल अग्रवाल, व्यापारी
आग से 65-70 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। अंडर गारमेंट्स की दुकान है। दुकान को वापस उसी स्वरूप में लाने में कई दिन लग जाएंगे। माल के साथ-साथ दुकान का ढांचा तक खराब हो गया है। दुकान में सिर्फ जला हुआ सामान नजर आ रहा है।
राकेश गुप्ता, व्यापारी
कॉस्मेटिक और इमीटेशन ज्वैलरी की दुकान भी आग की चपेट में आ गई। आग में करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। दिवाली को देखते हुए कुछ समय पहले ही नया माल मंगवाया था। उम्मीद थी कि अच्छी बिक्री होगी, लेकिन एक दिन में सारी उम्मीदें राख हो गईं।
विकास शर्मा, व्यापारी
आग में भारी नुकसान हुआ। राखी के बाद दिवाली को लेकर खरीदारी की थी, यहां गोदाम था, जिसमें मणिहारी सामान रखा था। अब जली हुई दुकान देख रहा हूं तो ऐसा लग रहा है जैसे वर्षों की मेहनत एक दिन में ही खत्म हो गई। इस बार दिवाली पर कारोबार करना हमारे लिए अब बड़ी चुनौती है।
पुरुषोत्तम शर्मा, व्यापारी