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जयपुर अग्निकांड : सरकार का बड़ा एक्शन, 2 अधिकारियों पर गिरी गाज, उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित

Jaipur Fire: जयपुर के पुरोहित जी का कटला अग्निकांड मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए दो अग्निशमन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आग की वजह, फायर सेफ्टी इंतजाम और रूफटॉप रेस्टोरेंट की अनुमति समेत पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Sep 18, 2026

jaipur fire news

Jaipur Fire: आग लगने के बाद मौके अग्निशमन की गाड़ियां (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सरकार ने लापरवाही के मामले में जयपुर नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र मीणा और सहायक अग्निशमन अधिकारी कुलदीप माणतवाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही आग की घटना और भवन में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है।

17 सितंबर को त्रिपोलिया बाजार के पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी। घटना के बाद सामने आए फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर कई सवाल उठे। इन्हीं के बीच सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए हैं।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

सरकार की ओर से गठित कमेटी में निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक को अध्यक्ष, मुख्य अभियंता को सदस्य और नगर निगम उदयपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। कमेटी को घटनास्थल का निरीक्षण कर आग लगने की वास्तविक परिस्थितियों की जांच करने के साथ भवन की स्वीकृति, उपयोग और फायर एनओसी से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल करनी होगी।

जांच कमेटी यह भी देखेगी कि सेठी कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध फायर फाइटिंग सिस्टम और अन्य अग्निशमन उपकरण वास्तव में मौजूद और कार्यशील थे या नहीं। घटना से पहले सक्षम अधिकारियों की ओर से किए गए निरीक्षण, जारी फायर एनओसी, फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, नोटिस और अन्य कार्रवाई के रिकॉर्ड की भी जांच होगी।

रूफटॉप रेस्टोरेंट पर भी फोकस

जांच के दायरे में सेठी कॉम्प्लेक्स की छत पर संचालित रूफटॉप रेस्टोरेंट भी है। कमेटी यह पता लगाएगी कि रेस्टोरेंट के संचालन के लिए संबंधित विभाग से अनुमति, लाइसेंस या अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया गया था या नहीं। इसके अलावा स्वीकृत भवन उपयोग, बैठने की क्षमता, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा फायर सेफ्टी नियमों के पालन की स्थिति की भी जांच होगी।

कमेटी यह भी परीक्षण करेगी कि रूफटॉप रेस्टोरेंट के संचालन से भवन के स्वीकृत उपयोग, संरचना, अतिरिक्त भार या ऑक्यूपेंसी में कोई बदलाव हुआ था या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो उसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।

हाइड्रेंट में नींबू-मिर्च मिलने का मामला भी चर्चा में

अग्निकांड के बाद शुक्रवार को राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी पुरोहित जी का कटला का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान आग बुझाने के लिए लगाए गए एक हाइड्रेंट प्वाइंट के चालू हालत में नहीं होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक हाइड्रेंट प्वाइंट के भीतर नींबू-मिर्च रखी मिली।

आयोग अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी ने इस पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी से फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच को लेकर सवाल किए। बताया गया कि कटले के बाहर करीब 200 मीटर दूरी पर नगर निगम का हाइड्रेंट भी है, लेकिन टेंडर नहीं होने के कारण वह चालू नहीं है। संकरे और भीड़भाड़ वाले बाजार में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर आयोग ने भी सवाल उठाए।

यह वीडियो भी देखें :

7 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के आदेश

सरकार की गठित कमेटी को सभी पहलुओं की जांच कर सात दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और आवश्यक सिफारिशें विभाग को सौंपनी होगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक और निवारक उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी कमेटी को दी गई है।