8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jaipur Fire Tragedy : ‘सुबह उठे तो सड़क पर आ गए थे’, पुरोहितजी का कटला अग्निकांड से प्रभावित व्यापारियों ने बताई पीड़ा

Jaipur Fire Tragedy : दिवाली की रोशनी से पहले जयपुर में पुरोहितजी का कटला में दुकानें जली नहीं, बल्कि कई परिवारों की महीनों की मेहनत, त्योहार की उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं भी राख हो गईं। अग्निकांड से प्रभावित व्यापारियों ने बताई अपनी पीड़ा...।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Sanjay Kumar Srivastava

•

Updated: 18 Sep 2026, 10:40 PM IST

jaipur purohitji katla fire affected traders expressed their pain

Jaipur Fire Tragedy : पुरोहितजी का कटला अग्निकांड का दृश्य। फाइल फोटो पत्रिका

Jaipur Fire Tragedy : दिवाली की रोशनी से पहले जयपुर में पुरोहितजी का कटला की कई दुकानों में अंधेरा उतर गया। गुरुवार को लगी आग ने 20-25 दुकानों को ही नहीं जलाया, बल्कि कई परिवारों की महीनों की मेहनत, त्योहार की उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं भी राख कर दीं। शुक्रवार को राख के ढेर और जले हुए सामान के बीच व्यापारी अपनी किस्मत तलाशते नजर आए। आंखों में आंसू लिए व्यापारी बस यही कहते दिखे कि पहले दुकान थी, अब कुछ भी नहीं बचा। किसी पर बैंक का कर्ज है, तो किसी ने लाखों रुपए का स्टॉक उधार लिया था। अब त्योहार की खुशियों से पहले उनके सामने एक ही सवाल है कि फिर से खड़े होने में कितना वक्त लगेगा…?

सरकार को व्यापारियों की मदद करनी चाहिए

वर्ष 2006 से कटला में दुकान चला रहे हैं। गुरुवार को लगी आग में दुकान का साड़ी, फॉल से जुड़ा माल जलकर राख हो गया। रात को सोने गए थे तो व्यापारी थे और अगले दिन उठे तो सड़क पर आ गए। वर्षों की मेहनत एक दिन में ही खत्म हो गई। बैंक से लोन भी ले रखा है। आग में बही-खाते तक जल गए। इस मुश्किल घड़ी में सरकार को व्यापारियों की मदद करनी चाहिए।
राजेश कुमार जैन, व्यापारी

अब दोबारा पूंजी जुटाने की चिंता

कई वर्षों से पुरोहितजी का कटला में सीजनल दुकान चला रहे हैं। कुछ दिन पहले ही एक दुकान किराये पर ली थी। दिवाली के सीजन को देखते हुए दो-तीन दिन पहले स्टॉक मंगवाया था। इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद थी। माल भी नहीं बचा और अब दोबारा पूंजी जुटाने की चिंता भी है।
कमल अग्रवाल, व्यापारी

दुकान में सिर्फ जला सामान आ रहा नजर

आग से 65-70 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। अंडर गारमेंट्स की दुकान है। दुकान को वापस उसी स्वरूप में लाने में कई दिन लग जाएंगे। माल के साथ-साथ दुकान का ढांचा तक खराब हो गया है। दुकान में सिर्फ जला हुआ सामान नजर आ रहा है।
राकेश गुप्ता, व्यापारी

राख हो गईं सारी उम्मीदें

कॉस्मेटिक और इमीटेशन ज्वैलरी की दुकान भी आग की चपेट में आ गई। आग में करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। दिवाली को देखते हुए कुछ समय पहले ही नया माल मंगवाया था। उम्मीद थी कि अच्छी बिक्री होगी, लेकिन एक दिन में सारी उम्मीदें राख हो गईं।
विकास शर्मा, व्यापारी

वर्षों की मेहनत एक दिन में खत्म हो गई

आग में भारी नुकसान हुआ। राखी के बाद दिवाली को लेकर खरीदारी की थी, यहां गोदाम था, जिसमें मणिहारी सामान रखा था। अब जली हुई दुकान देख रहा हूं तो ऐसा लग रहा है जैसे वर्षों की मेहनत एक दिन में ही खत्म हो गई। इस बार दिवाली पर कारोबार करना हमारे लिए अब बड़ी चुनौती है।
पुरुषोत्तम शर्मा, व्यापारी