जयपुर

Jaipur RTO Accident Update: जयपुर में आरटीओ वाहन से टकराने वाले गौतम मीणा की मौत, हादसे के पांच दिन बाद थमी सांसें

आरटीओ (RTO) उड़नदस्ते की गाड़ी की चपेट में आने से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे जमवारामगढ़ के युवा गौतम मीणा ने आखिरकार शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल एक गरीब परिवार का सहारा छीन लिया है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Mar 13, 2026
अस्पताल में भर्ती घायल गौतम मीणा

राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में पिछले रविवार 8 मार्च को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में घायल युवक गौतम मीणा (27) की शुक्रवार को उपचार के दौरान सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में मौत हो गई। गौतम जमवारामगढ़ के ताला गांव का निवासी था। गौतम की मौत की खबर फैलते ही उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। इधर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाजें उठने लगी हैं।

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परिवार का इकलौता सहारा था गौतम

गौतम मीणा एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखता था। वह अपने घर का मुख्य कमाऊ सदस्य था, जिस पर उसके छोटे बच्चों और बूढ़े माता-पिता के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी थी। कांग्रेस नेता अनिल चोपड़ा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आरटीओ की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, अन्यथा प्रशासन बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे।

उस दोपहर क्या हुआ था?

हादसा जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर खातियों की पुलिया के पास भगवती नर्सरी के सामने हुआ था। गौतम मीणा अपनी बाइक पर सीमेंट का कट्टा लेकर जयपुर से दौलतपुरा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान जयपुर आरटीओ इंस्पेक्टर शकीला बानो अपने दस्ते के साथ गाड़ियों की चेकिंग के लिए जा रही थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरटीओ के वाहन ने गौतम की बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और आरटीओ की गाड़ी दोनों क्षतिग्रस्त हो गए।

आरटीओ इंस्पेक्टर और पुलिस का पक्ष

हादसे के बाद आरटीओ इंस्पेक्टर शकीला बानो ने दावा किया था कि बाइक सवार अचानक दूसरी लेन से पहली लेन पर आ गया था, जिससे वह कार की चपेट में आ गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मानवता दिखाते हुए घायल को अपने निजी वाहन से अस्पताल पहुँचाया।

वहीं, विश्वकर्मा थाना पुलिस ने हादसे के ठीक बाद कहा था कि मामले की जांच की जा रही है कि गलती किसकी थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि आरटीओ वाहन की तेज गति और लापरवाही ही इस मौत की मुख्य वजह है।

हाईवे पर आक्रोश और चक्काजाम

रविवार को जब यह हादसा हुआ, तब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने गुस्से में आकर हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझाइश कर जाम खुलवाया था। अब गौतम की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों (आर्थिक सहायता और नौकरी) पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे न्याय के लिए लड़ेंगे।

जयपुर ग्रामीण में न्याय की मांग तेज

कांग्रेस नेताओं और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि आरटीओ दस्ते अक्सर हाईवे पर अनियंत्रित तरीके से गाड़ियों का पीछा करते हैं, जिससे आम जनता की जान जोखिम में पड़ जाती है। इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Updated on:
13 Mar 2026 04:12 pm
Published on:
13 Mar 2026 04:00 pm
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