
राजधानी जयपुर में सरकारी जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देशन में प्रवर्तन दस्ते ने शनिवार से लेकर सोमवार तक ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 25 बीघा से अधिक बेशकीमती जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ाया है। इस कार्रवाई में जेडीए की 'देव विहार' योजना की सबसे महत्वपूर्ण जमीन भी शामिल है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों में आंकी गई है।
जेडीए प्रवर्तन प्रकोष्ठ की सबसे बड़ी कार्रवाई जोन-12 के 'देव विहार' योजना (खसरा नंबर 748) में देखने को मिली। यहाँ भू-माफियाओं ने करीब 15 बीघा सरकारी जमीन पर बाड़ लगाकर, झुग्गी-झोपड़ियां और पक्के मकान बनाकर कब्जा कर रखा था।
शनिवार को जेडीए के भारी जाप्ते ने जेसीबी मशीनों की मदद से मिट्टी के बर्तन, भट्टियां और तारबंदी को मटियामेट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन की अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये है।
मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी ने बताया कि जोन-12 के ग्राम माचवां में भी कार्रवाई की गई। यहाँ खसरा नंबर 457/1077 पर करीब 1.5 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कमरे, टीनशेड और बाउंड्रीवाल बना ली गई थी। जेडीए के राजस्व और तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी में सोमवार को इन अवैध निर्माणों को ढहाकर जमीन को प्राधिकरण के स्वामित्व में वापस ले लिया गया।
सिर्फ खाली जमीन ही नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों पर भी जेडीए सख्त है। रविवार को जोन-5ए के त्रिवेणी नगर में भूखंड संख्या 45 में अवैध निर्माण पाया गया। निर्माणकर्ता को नोटिस दिए जाने के बावजूद काम नहीं रोकने पर इंजीनियरिंग शाखा की मदद से प्रवेश द्वारों पर ईंटों की दीवार चुनवाकर पुख्ता सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जेडीए ने ग्राम निवारू के पास खसरा नंबर 281 और 294 में निजी खातेदारी की करीब 3 बीघा कृषि भूमि पर बिना रूपांतरण और बिना स्वीकृति के बसाई जा रही अवैध कॉलोनी के प्रयास को भी विफल कर दिया। प्रवर्तन दस्ते ने यहाँ बनाई गई ग्रेवल सड़कों और बाउंड्रीवाल को बुलडोजर से उखाड़ फेंका। इसके अलावा मुण्डोता में भी 6 बीघा सरकारी जमीन को तारबंदी मुक्त कराया गया।
जेडीए ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह 'जीरो टॉलरेंस' अभियान रुकने वाला नहीं है। नागरिक अवैध निर्माणों की सूचना 24x7 हेल्पलाइन नंबर 0141 2565800, 0141 2575252 या मेल cce.jda@rajasthan.gov.in पर दे सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जेडीए अब डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
Updated on:
10 Mar 2026 02:56 pm
Published on:
10 Mar 2026 02:52 pm
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