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राजस्थान पर ‘ईरान-इजरायल युद्ध’ का असर, तेल कंपनियों ने LPG गैस सिलेंडर को लेकर दे डाले ये ‘झटकेदार’ आदेश ! पढ़ें काम की खबर

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट ने सात समंदर पार राजस्थान की रसोई और बाजार की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन में आए व्यवधान का असर अब प्रदेश के एलपीजी (LPG) सेक्टर पर सीधे तौर पर दिखने लगा है। राजस्थान में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर तेल कंपनियों ने जो कदम उठाए हैं, उसने व्यापारियों और आम जनता के बीच हड़कंप मचा दिया है।

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LPG-Cylinder

एलपीजी गैस सिलेंडर। फोटो-पत्रिका

राजस्थान में भी ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब दिखने लगा है। इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के 'ऑल इज़ वेल' के दावों के बीच अब जो खबरें आ रही हैं वो चिंता में डालने वाली हैं।

दरअसल, सूत्रों के हवाले से खबर है कि राजस्थान में इन तेल कंपनियों ने अपने डीलर्स को एक आपातकालीन मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं, जिनमें व्यावसायिक यानी कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में प्रदेश भर के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और शादी-समारोहों के कैटरिंग कारोबार पर संकट के बादल मंडराने की संभावनाएं हैं।

गैस कंपनियों का डीलर्स को संदेश: "सप्लाई फिलहाल बंद"!

सूत्रों के अनुसार राजस्थान के एलपीजी डीलर्स को रविवार देर रात से ही कंपनियों की ओर से संदेश मिलने शुरू हो गए। इन संदेशों में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए व्यावसायिक गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगाई जा रही है।

  • डिलीवरी प्रभावित: जिन डीलर्स के पास स्टॉक कम है, उन्होंने नए ऑर्डर लेना बंद कर दिया है।
  • वजह: माना जा रहा है कि युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने और आयात में आ रही बाधाओं की वजह से कंपनियां स्टॉक को लेकर सतर्क हो गई हैं।

... तो बाज़ार में दिखेगा ज़बरदस्त असर

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और खान-पान उद्योग का बड़ा हिस्सा है। कमर्शियल गैस की किल्लत का असर सबसे ज्यादा इन पर पड़ेगा:

  • मिठाई और रेस्टोरेंट: जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों की प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट में खपत अधिक होने के कारण काम ठप होने का डर है।
  • थड़ी और ढाबे: मध्यम और छोटे वर्ग के कारोबारी जो रोजाना गैस पर निर्भर हैं, उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
  • कीमतों में उछाल की आशंका: सप्लाई कम होने से ब्लैक मार्केटिंग और कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

कैटरिंग व्यवसाय की बढ़ी धड़कनें

राजस्थान में इस समय शादियों का सीजन अपने चरम पर है। मार्च और अप्रैल की तारीखों के लिए कैटरिंग बुकिंग पहले ही हो चुकी हैं।

  • कैसे बनेगा खाना? कैटरर्स की चिंता यह है कि यदि कमर्शियल गैस नहीं मिली, तो हजारों लोगों का खाना कैसे तैयार होगा।
  • वैकल्पिक ऊर्जा: कई कैटरर्स अब भट्टी और कोयले जैसे पुराने विकल्पों की ओर देख रहे हैं, लेकिन भारी मांग के बीच वे भी कम पड़ सकते हैं।

समन्वयकों की चुप्पी और बढ़ता सस्पेंस

इस पूरे मामले पर जब गैस कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक (State Level Coordinator) से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि यह रोक कितने दिनों तक रहेगी। इस चुप्पी ने बाजार में अनिश्चितता और घबराहट के माहौल को और बढ़ा दिया है।

क्या घरेलू गैस (Domestic LPG) पर भी पड़ेगा असर?

हालांकि अभी तक कंपनियों ने केवल व्यावसायिक सिलेंडरों पर रोक लगाई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यदि ईरान-इजरायल युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और कीमतों पर भी इसका असर दिखना तय है।