
Govind Singh Dotasara (Patrika Photo)
Govind Singh Dotasara: जयपुर: पश्चिम एशिया में गहराते ईरान-इजरायल संघर्ष की आग अब राजस्थान की रसोई और व्यापार तक पहुंच गई है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने का सीधा असर राजस्थान में एलपीजी और कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़ने लगा है।
इस संकट को लेकर राजस्थान की सियासत भी गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इसे 'सिस्टम की नाकामी' करार दिया है।
राजस्थान में इस वक्त शादियों का सीजन अपने चरम पर है। ऐसे में कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने आम जनता और व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। डोटासरा ने प्रेस से मुखातिब होते हुए कहा, हलवाई तैयार हैं, मेहमान घर आ चुके हैं, लेकिन ऐन वक्त पर गैस एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
महीनों पहले की गई बुकिंग के बावजूद सप्लाई नहीं मिल रही है। यह केवल असुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश के मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर बड़ा आर्थिक प्रहार है।
केवल कमर्शियल ही नहीं, बल्कि घरेलू गैस की किल्लत का डर भी लोगों के बीच बैठ गया है। डिजिटल इंडिया के दावों के बीच गैस कंपनियों के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल और एप्स में तकनीकी खामियां आ रही हैं।
हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को घंटों गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 'पैनिक बुकिंग' के चलते एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। डोटासरा ने आरोप लगाया कि अगर लोग मोबाइल से सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं, तो यह सरकार के तकनीकी बुनियादी ढांचे की विफलता है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ पर्यटन और डेयरी सेक्टर है। डोटासरा ने चेतावनी दी है कि यदि यह किल्लत जारी रही तो होटल्स और रेस्टोरेंट्स पर्यटकों को सेवाएं देने में असमर्थ हो जाएंगे, जिससे राजस्थान की छवि खराब होगी।
दूध प्रोसेसिंग और मिठाई निर्माण इकाइयों पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे कीमतों में उछाल आ सकता है। रेहड़ी-पटरी और ढाबा चलाने वाले हजारों लोगों का रोजगार छिनने की कगार पर पहुंच जाएगा।
डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि केंद्र सरकार को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी संकट का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना चाहिए।
विधानसभा में विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे जनता को इस संकट के भरोसे नहीं छोड़ेंगे। डोटासरा का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की महंगाई के बाद अब गैस की कमी लोगों की कमर तोड़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार युद्ध रोकने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन अपने देश के लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है।
Updated on:
10 Mar 2026, 3:03 PM IST
Published on:
10 Mar 2026, 3:03 PM IST
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