राजधानी का सबसे व्यस्ततम अजमेरी गेट दरवाजा आज सुबह तक बंद रहा। यह कब और कैसे बंद हुआ, इस बारे में पुलिस व प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है।
जयपुर। राजधानी का सबसे व्यस्ततम अजमेरी गेट दरवाजा आज सुबह तक बंद रहा। यह कब और कैसे बंद हुआ, इस बारे में पुलिस व प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले में पल्ला झाड़ लिया है। गेट बंद रहने के दौरान किशनपोल बाजार और एमआई रोड के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश का सबसे बड़ा यातायात पुलिस कार्यालय 'यादगार' यहां से महज 50 मीटर की दूरी पर है और चौराहे पर चौबीसों घंटे पुलिस तैनात रहती है, फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी कि दरवाजा बंद किसने किया।
24 घंटे खुला रहने वाला अजमेरी गेट बंद रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। काम-धंधे और दफ्तर जाने वाले लोग गेट के बाहर जमा हो गए। स्वयं लोगों ने सुबह करीब 10 बजे दरवाजे को खोला।
कलक्टर संदेश नायक ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। निगम कमिश्नर से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं, निगम कमिश्नर ओम केसरा ने कहा कि दरवाजा बंद कैसे हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। एडिशनल कमिश्नर नरेंद्र बंसल ने पहले फोन पर जवाब दिया कि गेट कैसे बंद हुआ, इसकी जानकारी नहीं है, मामले की जांच कराई जा रही है। बाद में दोबारा फोन पर उन्होंने कहा कि रात में आंधी-तूफान के कारण संभवतः यह गेट बंद हो गया।
कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में एक अजीब तर्क दिया है। पुलिस का कहना है कि यह दरवाजा कभी बंद नहीं किया जाता है, संभव है कि रात को आई तेज आंधी के कारण दरवाजा अपने आप बंद हो गया हो। पुलिस का कहना है कि गेट का अंदरूनी हिस्सा कोतवाली और बाहरी हिस्सा जालूपुरा थाना क्षेत्र में आता है।
अजमेरी गेट दरवाजे के बंद होने के मामले में प्रशासन हरकत में आ गया है। अब प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराई जा रही है। आखिर अजमेरी गेट को किसने बंद किया, इसकी जांच की जा रही है।