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जयपुर के SBI बैंक में 4 करोड़ से अधिक का घोटाला, मैनेजर-असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार

राजधानी जयपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 4.20 करोड़ के लोन घोटाले का खुलासा हुआ है। फर्जी दस्तावेजों से लोन पास करने के आरोप में मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार किया गया।

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जयपुर

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Arvind Rao

May 02, 2026

Jaipur State Bank of India scam

मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार (फोटो सोशल मीडिया)

Jaipur Bank Scam: जयपुर में पुलिस ने एक बड़े बैंक घोटाले का पर्दाफाश करते हुए भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक आपराधिक गिरोह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 4.20 करोड़ से अधिक के लोन स्वीकृत किए और बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

मामले में पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी सरकारी कर्मचारियों के जाली दस्तावेज तैयार किए।

इन दस्तावेजों को बैंक रिकॉर्ड में असली के रूप में सत्यापित किया गया और इनके आधार पर विभिन्न ग्राहकों को लगभग 4.20 करोड़ के लोन जारी कर दिए गए। जांच में सामने आया कि यह पूरा घोटाला वर्ष 2023 में तब अंजाम दिया गया, जब दोनों आरोपी आदर्श नगर स्थित एसबीआई शाखा में पदस्थापित थे।

37 मामले दर्ज, 5000 का इनामी अधिकारी गिरफ्तार

इस संगठित अपराध को लेकर अब तक कुल 37 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में 5,000 के इनामी असिस्टेंट बैंक मैनेजर और तत्कालीन बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाबूलाल मीना (47) और आकाश बिलोनिया (34) के रूप में हुई है।

पुलिस की कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (DCP) जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा के निर्देश पर की गई। इस ऑपरेशन को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नारायण कुमार बाजिया के सुपरविजन में मोती डूंगरी थाना पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया। इस सफल कार्रवाई में पुलिस टीम का नेतृत्व थानाधिकारी मोहन सिंह ने किया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

जयपुर पुलिस के मुताबिक, यह एक संगठित वित्तीय अपराध था, जिसमें कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है। फिलहाल, पुलिस दोनों अधिकारियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि लोन की राशि की रिकवरी की जा सके।
इसके साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले संदिग्धों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस मामले में जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।