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Jaipur News : जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने बदला अपना अंदाज, आखिर क्यों हो रही है इन ‘हाई-टेक पहरेदारों’ की चर्चा?

जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर की सड़कों पर 'होवर बोर्ड' सवार हाई-टेक पहरेदारों को उतारकर ट्रैफिक मैनेजमेंट को अगले स्तर पर पहुँचा दिया है।

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Jaipur Hi-Tech Traffic Police

Jaipur Hi-Tech Traffic Police

राजस्थान की राजधानी जयपुर, जो अपनी विरासत और किलों के लिए जानी जाती है, अब अपनी 'स्मार्ट पुलिसिंग' के लिए दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रही है। जयपुर की सड़कों पर इन दिनों नीली-लाल एलईडी चमकाते और सायरन बजाते हुए पुलिसकर्मी किसी 'साइंस-फिक्शन' फिल्म के किरदार की तरह नजर आ रहे हैं। ये कोई साधारण गश्त नहीं है, बल्कि जयपुर पुलिस का नया 'होवर बोर्ड स्क्वाड' है, जो भीड़भाड़ के बीच बिजली की रफ्तार से ट्रैफिक नियंत्रित कर रहा है।

दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर 'स्मार्ट पहरेदारी'

अभी तक हमने दुबई पुलिस को रोबोट्स और होवर बोर्ड्स पर या सिंगापुर की पुलिस को अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों पर गश्त करते देखा था। लेकिन अब जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने इस ग्लोबल ट्रेंड को राजस्थान की जमीन पर उतार दिया है।

  • भीड़ में बेजोड़: जहाँ बड़ी पुलिस गाड़ियाँ ट्रैफिक जाम में फंस जाती हैं, वहां ये होवर बोर्ड सवार पुलिसकर्मी कम जगह घेरते हुए तेजी से गंतव्य तक पहुँच रहे हैं।
  • IPL में 'गेम चेंजर' साबित हुए: सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS) के बाहर आईपीएल मैचों के दौरान भीड़ को मैनेज करने के लिए पुलिस ने 5 हाई-टेक होवर बोर्ड तैनात किए।

तकनीक से लैस: सायरन, माइक और एलईडी का संगम

ये केवल चलते-फिरते बोर्ड नहीं हैं, बल्कि एक छोटा कंट्रोल यूनिट हैं।

  1. मौके पर अनाउंसमेंट: माइक्रोफोन लगे होने के कारण पुलिसकर्मी चलते-फिरते ही भीड़ को निर्देश दे सकते हैं।
  2. नाइट विजन: चमकदार एलईडी लाइटें लगी होने के कारण ये रात के अंधेरे में भी दूर से नजर आते हैं, जिससे कानून व्यवस्था का डर और सम्मान बना रहता है।
  3. शानदार स्पीड: ये होवर बोर्ड 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं, जो पैदल चलने वाले पुलिसकर्मी की तुलना में कई गुना ज्यादा प्रभावी है।

बैटरी बैकअप और ट्रेनिंग

इन होवर बोर्ड को चलाने के लिए जयपुर पुलिस के जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।

  • रेंज: एक बार फुल चार्ज होने पर ये करीब 15 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकते हैं।
  • सुविधा: रूट डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देने में ये स्क्वाड सबसे ज्यादा कारगर साबित हो रहा है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

जयपुर आने वाले विदेशी पर्यटक भी पुलिस के इस नए अवतार को देखकर दंग हैं। हवामहल और परकोटे के पास जब ये हाई-टेक पहरेदार निकलते हैं, तो लोग अपनी गाड़ियां रोककर इनकी तस्वीरें खींचने लगते हैं। यह न केवल सुरक्षा को बढ़ाता है, बल्कि 'स्मार्ट सिटी' जयपुर की ब्रांडिंग भी कर रहा है।