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भीलवाड़ा में न्यास की बड़ी कार्रवाई, अवैध भूखंडों का पंजीकरण रद्द

भीलवाड़ा नगर विकास न्यास ने शहरी भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। न्यास ने तिलक नगर और पटेल नगर क्षेत्रों में कुल 209 अवैध और अप्रमाणित स्वामित्व वाले भूखंडों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।

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Bhilwara Urban Improvement Trust

Bhilwara Urban Improvement Trust (Patrika Photo)

UIT Bhilwara Action: भीलवाड़ा: नगर विकास न्यास (UIT) ने शहरी भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। न्यास ने एक विशेष अभियान के तहत शहर के तिलक नगर और पटेल नगर क्षेत्रों में कुल 209 अवैध व अप्रमाणित स्वामित्व वाले भूखंडों का पंजीकरण (इंद्राज) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

न्यास अध्यक्ष जसमीत सिंह संधू और न्यास सचिव ललित गोयल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के तहत कार्यालय के रिकॉर्ड की गहनता से जांच की गई थी। इसके बाद, संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं को भूखंडों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त समय और अवसर दिया गया। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक और प्रामाणिक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर, न्यास प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की।

कार्रवाई का मुख्य विवरण

न्यास द्वारा की गई इस कार्रवाई के अंतर्गत अवैध भूखंडों को पुनः न्यास के स्वामित्व में ले लिया गया है। तिलक नगर योजना- कुल 92 भूखंडों का पंजीकरण निरस्त किया गया। पटेल नगर योजना- कुल 117 भूखंडों का पंजीकरण निरस्त किया गया। इससे पहले भी न्यास ने 110 अवैध भूखंडों का इंदराज निरस्त कर उन्हें अपने नाम दर्ज किया था।

निरस्त किए गए सभी 209 भूखंडों की विस्तृत सूची आमजन की जानकारी के लिए नगर विकास न्यास की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। न्यास तहसीलदार दिनेश साहू के अनुसार, भूखंडों के स्वामित्व अभिलेखों की यह व्यापक जांच केवल यहीं तक सीमित नहीं है। वर्तमान में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी भूखंडों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

न्यास ने ऐसे कई संदिग्ध प्रकरणों को चिह्नित किया है जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, जिन प्रकरणों में निर्धारित समय में वैध दस्तावेज नहीं मिलेंगे, उन्हें भी बिना किसी देरी के निरस्त कर न्यास के नाम दर्ज किया जाएगा।

नगर विकास न्यास की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध रूप से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। न्यास प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहरी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।