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शिक्षा में दानदाताओं का सम्मान: राज्य व जिला स्तरीय भामाशाह समारोह के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 19 मई

राजकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों के विकास में सहयोग करने वाले पात्र भामाशाहों और प्रेरकों से आवेदन आमंत्रित किए

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Honoring donors in education: Applications open for state and district level Bhamashah celebrations, last date May 19

शिक्षा में दानदाताओं का सम्मान: राज्य व जिला स्तरीय भामाशाह समारोह के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 19 मई

शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दानदाताओं (भामाशाहों) और उन्हें प्रेरित करने वालों का सम्मान करने के लिए सरकार ने राज्य और जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 1 अप्रेल 2025 से 31 मार्च 2026 के दौरान राजकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों के विकास में सहयोग करने वाले पात्र भामाशाहों और प्रेरकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने निर्देश जारी किए। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह 29 जून को जयपुर में, जबकि जिला स्तरीय समारोह उसी दिन सभी जिला मुख्यालयों पर होगा।

सम्मान की तीन श्रेणियां और पात्रता की शर्तें

राज्य सरकार ने सहयोग राशि की सीमा में वृद्धि करते हुए सम्मान को तीन श्रेणियों में बांटा है। शिक्षा विभूषण के लिए 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक का सहयोग करने वाले भामाशाहों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा भूषण के लिए 30 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए से कम तक की राशि दान करने वाले भामाशाहों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा श्री: 1 लाख रुपए से लेकर 30 लाख रुपए से कम तक का सहयोग करने वाले भामाशाहों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। दानदाताओं को सहयोग के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्तियों (प्रेरकों) को भी उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए भी श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। प्रेरक का सम्मान तभी संभव होगा जब दानदाता अपने आवेदन में प्रेरक का नाम और प्रेरित की गई राशि का स्पष्ट रूप से उल्लेख करे। स्कूल शिक्षा विभाग के विद्यालयों में किए गए सहयोग के लिए केवल ज्ञान संकल्प पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। कॉलेज और संस्कृत शिक्षा के महाविद्यालयों व विद्यालयों में सहयोग करने वाले भामाशाह व प्रेरक निर्धारित प्रपत्र में ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।

मूक-बधिर बच्चों के स्वास्थ्य को दी नई रफ्तार, आदिनाथ महिला मंडल ने भेंट की ट्रेडमिल

भीलवाड़ा. आरके कॉलोनी जैन मंदिर से जुड़ी आदिनाथ महिला मंडल ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए मूक-बधिर विद्यालय के बच्चों के लिए एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। मंडल की ओर से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी फिजिकल थेरेपी में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से विद्यालय को एक ट्रेडमिल मशीन भेंट की है। मंडल की अध्यक्षा सपना सेठी ने बताया कि विशेष योग्यजन बच्चों के शारीरिक विकास, फिटनेस और थेरेपी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंडल की ओर से कदम उठाया है। इस अवसर पर मूक-बधिर विद्यालय के संचालक प्रेम जैन ने महिला मंडल का आभार जताया। इस अवसर पर महिला मंडल की सदस्या मंजू जैन, रीना सोनी, कल्पना विनायका, प्रियंका जैन, पायल गोधा, सुष्मिता बज, नीरा छाबड़ा, नैना सेठी, बीना कासलीवाल, दीपिका लुहारिया, पायल झांझरी, अलका अजमेरा, शिल्पी गदिया, तुलिका चौधरी, नमिता जैन एवं पिंकी सेठी मौजूद रहीं।