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मई में ‘ब्लू मून’ का दुर्लभ संयोग: दो पूर्णिमा एक साथ, अप्रत्याशित घटनाओं की आशंका

एक ही माह में दो पूर्णिमा शुभ संकेत नहीं, हैरान करने वाली खबरों के बन रहे प्रबल योग, ऐसा योग कभी-कभी आता है।

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Rare coincidence of 'Blue Moon' in May: Two full moons together, fear of unexpected events

मई में 'ब्लू मून' का दुर्लभ संयोग: दो पूर्णिमा एक साथ, अप्रत्याशित घटनाओं की आशंका

मई माह की शुरुआत और अंत इस बार एक बेहद दुर्लभ खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग के साथ होने जा रहा है। इस वर्ष मई का पहला दिन 1 मई और आखिरी दिन 31 मई दोनों ही पूर्णिमा के रहेंगे। एक ही महीने में दो पूर्णिमा के इस असाधारण संयोग को ब्लू मून कहा जाता है। ज्योतिषीय नजरिए से इस घटना को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और इसे बड़े बदलावों तथा अप्रत्याशित घटनाओं का सूचक बताया है। शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अशोक व्यास ने इस दुर्लभ संयोग का विश्लेषण करते हुए बताया कि एक ही अंग्रेजी माह में दो पूर्णिमा तिथियों का पड़ना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ब्लूमून' का यह योग किसी ऐसी अप्रत्याशित घटना या खबर की ओर इंगित कर रहा है, जिसकी आम तौर पर उम्मीद न की गई हो और जो पूरी तरह से हैरान करने वाली हो।

क्या है ब्लू मून का गणित

आमतौर पर हर मसह में एक बार पूर्णिमा आती है, लेकिन चंद्रमा का चक्र लगभग 29.5 दिन का होता है। ऐसे में जब कोई महीना 30 या 31 दिन का होता है और पहली पूर्णिमा महीने की 1 या 2 तारीख को ही आ जाती है, तो उसी माह के अंत में दूसरी पूर्णिमा पड़ने की संभावना बन जाती है। इस दूसरी पूर्णिमा को ही 'ब्लूमून' कहा जाता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों है चिंताजनक

पंडित व्यास के अनुसार पूर्णिमा का सीधा संबंध मन, जल तत्व और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से होता है। एक ही माह में चंद्रमा की ऊर्जा का दो बार चरम पर होना प्राकृतिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से उथल-पुथल का कारण बन सकता है। यह योग राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी अचानक घटने वाले घटनाक्रम का संकेत दे रहा है।ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सावधानी बरतनी चाहिए।

कृषि उपज मंडी में अवकाश

मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कृषि उपज मंडी में सभी तरह के व्यापारिक कार्य पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। पल्लेदार यूनियन के अध्यक्ष शंकर नायक ने बताया कि मजदूर दिवस के चलते मंडी के सभी पल्लेदार अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान मंडी में कामकाज नहीं होगा। नायक ने बताया कि मंडी में किसी भी कृषि उपज की नीलामी नहीं होगी। पल्लेदारों के अवकाश पर होने के कारण माल की लोडिंग और तुलाई का कार्य पूरी तरह ठप रहेगा। भारतीय खाद्य निगम की ओर से की जाने वाली सरकारी खरीद भी बंद रहेगी।