
एसओजी गिरफ्त में अशोक कुमार यादव। फोटो: पत्रिका
RPSC भर्ती घोटाला: जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी दस्तावेज के जरिये नौकरी पाने वाले आरोपी शिक्षक से एसओजी सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस को संदेह है कि इस खेल में कई अन्य शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि एसओजी ने चौमूं निवासी अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया है, जो दिवराला (सीकर) के सरकारी स्कूल में व्याख्याता पद पर तैनात था। आरोपी ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बैंक डेट में वर्ष 2020-22 की बीएड और 2018-20 की एमएससी (एग्रीकल्चर) की फर्जी मार्कशीट तैयार करवाई थी। आरोपी फिलहाल पांच दिन के रिमांड पर है।
एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क में ऐसे और कौन से शिक्षक हैं, जिन्होंने इसी विश्वविद्यालय या अन्य माध्यमों से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर सरकारी नौकरी हासिल की है। नियुक्ति के समय शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज पेश करने वाले इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पूछताछ जारी है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी पाने वाले आरोपी अशोक कुमार यादव (33) निवासी कालाडेरा चौमूं को बुधवार रात गिरफ्तार किया था। रातभर चली पूछताछ के बाद एसओजी ने गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से एसओजी ने उसे 5 दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। आरोपी अशोक वर्तमान में शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दिवराला श्रीमाधोपुर सीकर में स्कूल व्याख्याता कृषि के पद पर तैनात है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्राध्यापक/व्याख्याता कृषि विज्ञान (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 आयोजित हुई थी। एसओजी को इस प्रतियोगी परीक्षा में फर्जीवाड़े से सरकारी नौकरी हासिल करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद एसओजी ने मार्च में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक कुमार ने कृषि विज्ञान भर्ती-2022 के आवेदन के समय निर्धारित योग्यता नहीं होते हुए भी आवेदन किया था। लेकिन, फर्जी डिग्री के दम पर उसने नौकरी हासिल की ली थी।
Published on:
02 May 2026 10:37 am
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