
एसीबी की इस पड़ताल की खबर न सरकार को लगी न ही कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों को। दरअसल, वर्तमान सदर थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह शेखावत वर्ष 2021 में भट्टा बस्ती थाने में तैनात था। उस दौरान एक पिकअप चालक से थाने का हेड कांस्टेबल बंधी मांग रहा था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हेड कांस्टेबल अब्दुल रऊफ को 15 हजार रुपए बंधी लेते पकड़ा था। एसीबी ने उस समय कहा था कि रऊफ एसएचओ राजेन्द्र सिंह के नाम से यह बंधी ले रहा था। कार्रवाई की भनक लगने पर थाने से एसएचओ भाग गया। बाद में उसके क्वार्टर से एक कट्टा, 11 कारतूस, 5 कटार और 1 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ था।
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हेड कांस्टेबल को ट्रैप करने के बाद एसीबी ने राजेन्द्र सिंह की तलाश शुरू की। वहीं, अवैध हथियार और मादक पदार्थ के मामले में भट्टा बस्ती थाने में ही मामला दर्ज किया गया। हालांकि कुछ समय बाद हालात बदल गए। पहले भट्टा बस्ती थाना पुलिस ने अवैध हथियार के मामले में एफआर लगाई। फिर एसीबी ने हेड कांस्टेबल रऊफ के खिलाफ चालान पेश करने के बाद राजेन्द्र सिंह के पक्ष में गुपचुप क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी।