जयपुर

नोटों की गड्डियां देख डोला मन, सोते हुए मालिक का काटा गला

आरोपित पहले भी मासूम से दुष्कर्म और गैंगस्टर में जा चुका है जेल

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जयपुर. सांगानेर एयरपोर्ट के पास स्थित सिद्धार्थ नगर ए ब्लॉक में 20 दिन पहले नौकर ने जेडीए के बागवानी ठेकेदार श्यामसिंह चाहौन की गला रेत कर हत्या की थी। नौकर ने श्यामसिंह के पास पांच-पांच सौ रुपए के नोटों की गड्डियां देखीं तो उसने हत्या की योजना बना डाली। दीवार फांदकर नौकर मकान में घुसा और कमरे में जाकर श्यामसिंह के पेंट और शर्ट की जेबों की तलाशी ली। उनमें कुछ नहीं मिला तो उसने गले में पहनी चेन तोडऩे के लिए श्यामसिंह के गले पर चाकू से प्रहार किया। जिससे वह उठ कर बैठ गया। यह देख नौकर घबरा गया और बिना कुछ लिए ही दीवार फांद कर भाग गया।

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार शिकोहाबाद के गांव नगला ठकुरी (फिरोजाबाद, यूपी) निवासी 22 वर्षीय सुनील कुमार यादव है। वह दो-तीन साल पहले ठेकेदार श्यामसिंह के यहां काम करके गया था। वह गत 12 अगस्त 2017 को फिर जयपुर आया और श्यामसिंह के पास काम करने लगा। सुनील ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह श्यामसिंह के सोने वाले कमरे में ही सोता था। उसने कई बार रात को श्यामसिंह के पास पांच-पांच सौ के नोटो की गड्डियां देखीं थी। इसलिए उसने रुपए चुराने की योजना बनाई। गत 23 अगस्त 2017 को सुनील ने घर जाने की कहकर श्यामसिंह से रुपए मांगे। श्यामसिंह ने उसे 1000 रुपए दिए। उसे और रुपए की जरूरत थी, इसलिए दिनभर जवाहर सर्किल, तारों की कूट और दुर्गापुरा में ही घूमता रहा।

रात होने पर आया घर, वारदात कर भाग गया
पुलिस ने बताया कि सुनील रात होने पर मकान के आस-पास आया। वहां पर झाडि़यों में छिप कर कमरे की लाइट बंद होने का इंतजार किया। लाइट बंद होने पर झाडि़यों से निकल कर दीवार फांद कर कमरे में गया। वहां पर श्यामसिंह और मजदूर सो रहा था। सुनील ने श्यामसिंह के कपड़ों की तलाशी लेकिन उनमें कुछ नहीं मिला। श्यामसिंह के गले में सोने की चेन देखकर उसका गला काट दिया। शोर मचाने पर पकड़े जाने के डर से भाग गया।


चूड़ी कारखाना में कर रहा था काम

पुलिस सीसीटीवी फुटेज और छानबीन के इनपुट से सुनील की तलाश में शिकोहाबाद उसके घर पहुंची लेकिन वह वहां पर नहीं मिला। वह महिला मित्र के पास रह रहा था। महिला मित्र के रुपए मांगने पर ही उसने श्यामसिंह के यहां चोरी की योजना बनाई थी। वह चूड़ी कारखाना में काम कर रहा था। पुलिस को मजदूरों से पूछताछ में सुनील का मोबाइल नंबर मिला था, लेकिन वह सिम किसी दूसरे के नाम पर खरीदा गया था। जयपुर छोड़ते ही उसने मोबाइल भी बंद कर लिया था।


ननिहाल में किए अपराध

सुनील अधिकतर अपनी ननिहाल इटावा के जसवंत नगर में रहा है। वहां पर उसके खिलाफ पोक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ, फिर गैंगस्टर में जेल गया। ननिहाल में मुकदमा होने पर सुनील वहां से गांव आ गया।

Published on:
13 Sept 2017 07:16 pm
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