Silver Price Drop: कीमतें बढ़ते ही लोग पुराने निवेश को बेचने लगे थे ताकि मुनाफा कमा सकें। इसी बिकवाली के दबाव ने भावों को वापस नीचे धकेल दिया है। जयपुर के जौहरी बाजार और एमआई रोड स्थित शोरूम्स में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
Gold-Silver Price Crash Today: गुलाबी नगरी के सराफा बाजार में पिछले दो दिनों से जारी चांदी की रिकॉर्ड बढ़त पर गुरुवार को अचानक ब्रेक लग गया। वैश्विक बाजारों में हुई मुनाफावसूली (Profit Booking) का सीधा असर जयपुर के स्थानीय बाजार और MCX पर भी देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पिछले दो सत्रों से चांदी जिस तेजी से ऊपर चढ़ रही थी, आज उतनी ही तेजी से नीचे गिर गई।
जयपुर के कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे ही चांदी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंचीं, निवेशकों ने ऊंचे भावों पर बिकवाली शुरू कर दी। मुनाफा कमाने की इस होड़ के चलते बाजार में चांदी की आपूर्ति बढ़ गई और मांग कम होने से कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वायदा बाजार (MCX) में चांदी की कीमतें 6 फीसदी तक लुढ़क गईं, जिससे यह 2,52,719 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। चांदी ही नहीं, सोने के चमक भी आज फीकी रही और इसमें करीब 2 फीसदी की गिरावट देखी गई, जिससे सोना 1,48,455 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
जयपुर सराफा कमेटी के व्यापारियों के अनुसार, इंटरनेशनल मार्केट (COMEX) में चांदी के दाम 10% गिरकर $73.415 रह गए हैं। हालांकि, स्पॉट मार्केट में अभी भी कुछ हलचल बाकी है, लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरावट ने खरीदारों को थोड़ा राहत दी है। पिछले सप्ताह चांदी $121.64 के ऐतिहासिक स्तर पर थी, जहां से अब यह काफी नीचे आ चुकी है। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं में भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
जयपुर में वर्तमान में शादियों का सीजन अपने चरम पर है। ऐसे में चांदी और सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन परिवारों को राहत मिली है जो जेवर बनवाने की योजना बना रहे थे। "कीमतें बढ़ते ही लोग पुराने निवेश को बेचने लगे थे ताकि मुनाफा कमा सकें। इसी बिकवाली के दबाव ने भावों को वापस नीचे धकेल दिया है। जयपुर के जौहरी बाजार और एमआई रोड स्थित शोरूम्स में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।" - सराफा व्यापारी भीमसेन जैन
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में आई यह गिरावट फिलहाल 'करेक्शन' का हिस्सा है। भू-राजनीतिक हालात (Geopolitical tensions) अभी भी नाजुक बने हुए हैं, इसलिए कीमतों में फिर से उछाल आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, निवेशकों को बाजार की स्थिरता का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।