जयपुर

World Snake Day: जयपुर में ‘स्नेक अलर्ट’, मानसून में रोजाना 30-40 रेस्क्यू कॉल; इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा

Jaipur Snake Rescue Calls: मानसून शुरू होते ही जयपुर में स्नेक रेस्क्यू टीमों के पास रोजाना 30 से 40 कॉल पहुंच रही हैं। जानें बारिश के मौसम में सांप ज्यादा क्यों निकलते हैं, किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा रहता है...
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Jul 16, 2026
Monsoon Snake Alert Jaipur
जयपुर में मानसून के कारण सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी (Photo-Patrika)

Monsoon Snake Alert Jaipur: जयपुर में मानसून की शुरुआत के साथ सांपों की हलचल बढ़ गई है। बारिश की वजह से लोगों के घरों, बगीचों और बेसमेंट में सांप ज्यादा निकल रहे हैं और इस वजह से स्नेक रेस्क्यू टीमों को हर दिन 30 से 40 कॉल मिल रही हैं। अगर सामान्य दिनों से तुलना करें तो कॉल्स की संख्या तीन गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश में बिलों में पानी भर जाने से सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में आबादी वाले इलाकों की तरफ आ जाते हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं, उसे नुकसान पहुंचाने की बजाय तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

जयपुर में सांप की सिर्फ 3 प्रजातियां ही जहरीली

होप एंड बियॉन्ड के अध्यक्ष जॉय गार्डनर के अनुसार, राजस्थान में सांपों की करीब 45 प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन इनमें केवल 6 ही विषैली हैं। वहीं जयपुर में सांपों की 19 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें से सिर्फ 3 तरह के सांप ही जहरीले होते हैं। उनमें कोबरा, करैत और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। इन तीनों के काटने पर गंभीर खतरा हो सकता है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा

जयपुर के बाहरी इलाकों और जंगल से लगे क्षेत्रों में बारिश के मौसम में सांप ज्यादा निकलते हैं। सीतापुरा, टोंक रोड, आगरा रोड, जगतपुरा, विद्याधर नगर, मानसरोवर और वैशाली नगर के बाहरी हिस्सों में ऐसे मामले ज्यादा सामने आते हैं। इसलिए इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मानसून के दौरान थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

सांप काटने के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां

विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने पर सबसे पहले मरीज को शांत रखें और बिना देरी किए पास के ऐसे अस्पताल पहुंचाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध हो। झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों के भरोसे समय गंवाना खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा घाव को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, बर्फ, मिट्टी या किसी केमिकल का इस्तेमाल करना और अंग पर कसकर पट्टी बांधना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

पर्यावरण के लिए भी जरूरी हैं सांप

बता दें कि सांप भी नेचर का एक जरूरी हिस्सा हैं। ये चूहों और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कई छोटे जीवों की संख्या कम करने में मदद करते हैं। इसलिए सांप दिखने पर उसे मारने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करें। उससे दूर रहें और तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सांप को सुरक्षित जगह ले जाया जा सके।