जयपुर

Jaipur News: ट्रैफिक पुलिस का नया प्लान, अब चालान नहीं भरा तो सीधे घर आएगी पुलिस

जयपुर ट्रैफिक पुलिस अब पेंडिंग चालान वसूलने के लिए 'डोर टू डोर' अभियान शुरू कर रही है। पिछले एक साल में 8 लाख लोगों ने जुर्माना नहीं भरा है, जिनमें से सबसे बड़े 1,500 डिफॉल्टर्स और लग्जरी कार मालिकों के घर पुलिस सीधे नोटिस लेकर पहुंचेगी।

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Feb 17, 2026
jaipur traffic police (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur News: जयपुर ट्रैफिक पुलिस अब पेंडिंग चालान वसूलने के लिए 'डोर टू डोर' अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत ऐसे 8 लाख लोग जिन्होंने पिछले एक साल में जुर्माना नहीं भरा है, ऐसे लोगों के घर पुलिस सीधे नोटिस लेकर पहुंचेगी।

अगर आप भी ट्रैफिक नियमों को ठंडे बस्ते में डालकर यह सोच रहे हैं कि चालान कटने के बाद कौन सा पुलिस घर आएगी, तो अपनी सोच बदल लीजिए। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। अब पुलिस आपके घर का दरवाजा खटखटाएगी और बकाया जुर्माना वसूलेगी।

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किनके घर पहुंचेगी पुलिस?

जयपुर कमिश्नरेट के ट्रैफिक डीसीपी सुमीत मेहरडा के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच करीब 8 लाख ऐसे वाहन चालक चिह्नित किए गए हैं जिन्होंने अपने चालान नहीं भरे हैं। पुलिस ने इनकी अलग-अलग कैटेगरी बनाई है। शुरुआत में उन 1,200 से 1,500 बड़े डिफॉल्टर्स को चुना गया है जो 'टॉप लिस्ट' में हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं:

  • जिनका जुर्माने का अमाउंट बहुत ज्यादा है।
  • जो बार-बार खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाते पकड़े गए हैं।
  • जिनके पास लग्जरी गाड़ियां हैं और वे जानबूझकर चालान नहीं भर रहे हैं।

दर्ज हुई FIR

ट्रैफिक विभाग सिर्फ नोटिस तक ही सीमित नहीं है। अब तक ऐसे 16 लोगों के खिलाफ BNS 2023 की धारा 125 और 281 के तहत FIR भी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस का साफ संदेश है कि नियमों को तोड़कर आप जुर्माने से बच नहीं सकते। यदि आपको घर पर पुलिस की दस्तक से बचना है तो समय पर अपना चालान भरें।

सालभर में कटे 27 लाख से ज्यादा चालान

राजस्थान विधानसभा में उप-मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस ने प्रदेश भर में कुल 27.61 लाख चालान काटे, जो 2024 की तुलना में 10.13 लाख अधिक हैं।

इन आंकड़ों में सबसे बड़ी संख्या ओवर-स्पीडिंग (12.06 लाख) की रही, जबकि बिना हेलमेट (5.23 लाख), बिना सीट बेल्ट (1.96 लाख) और ड्रंकन ड्राइविंग (69,000) के मामलों पर भी भारी कार्रवाई हुई। यह डेटा साफ दिखाता है कि पुलिस और प्रशासन अब यातायात नियमों के उल्लंघन पर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

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Updated on:
17 Feb 2026 02:02 pm
Published on:
17 Feb 2026 02:01 pm
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