
जयपुर। राजधानी जयपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वीडियो में एक युवती कथित तौर पर सड़क पर अपनी कार रोककर दूसरे वाहन चालक से बहस करती नजर आ रही है। इसी दौरान उसके पीछे एक एंबुलेंस ट्रैफिक में फंसी दिखाई देती है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस में हार्ट पेशेंट मौजूद था और उसका सायरन तथा इमरजेंसी लाइट लगातार चल रही थी।
यह घटना पांच्यावाला-वैशाली मार्ग वेस्ट पर एचपी पेट्रोल पंप के पास की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में युवती अपनी कार के पास खड़ी होकर दूसरे वाहन चालक से बहस करती नजर आती है। कुछ हिस्से में वह कार के अंदर से वीडियो रिकॉर्ड करती भी दिखाई दे रही है। वहीं, पीछे खड़ी एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल पाने के कारण आगे बढ़ने में परेशानी होती दिख रही है।
वीडियो में एंबुलेंस के सायरन और इमरजेंसी लाइट चालू नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से एंबुलेंस को आगे निकलने में परेशानी होती दिख रही है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस में हार्ट संबंधी परेशानी वाले मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सड़क पर विवाद और रिकॉर्डिंग के दौरान एंबुलेंस के फंसने को लेकर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि सड़क पर किसी तरह का विवाद होने की स्थिति में भी इमरजेंसी वाहन को रास्ता देना प्राथमिकता होनी चाहिए।
वायरल वीडियो को लेकर लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था और वाहन चालकों के सिविक सेंस पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि एंबुलेंस में मौजूद मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सड़क पर बहस या किसी अन्य वजह से इमरजेंसी वाहन का रास्ता रुकना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने मांग की है कि ऐसे मामलों में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और इमरजेंसी वाहनों के रास्ते में बाधा डालने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई हो। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के पूरे क्रम और इसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी के बारे में स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हुई है।
आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए ट्रैफिक में एंबुलेंस का सायरन सुनते ही वाहन चालकों से उसे सुरक्षित रास्ता देने की अपील की जाती है। जयपुर के इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सड़क पर जिम्मेदार ड्राइविंग और इमरजेंसी वाहनों को प्राथमिकता देने की जरूरत को चर्चा में ला दिया है।