साल में ढाई महीने राजस्थान सरकार आदेश जारी कर प्रदेशभर में मछली के शिकार और उसके मीट की बिक्री पर प्रतिबंध भी लगाती है। कारण इस अवधिकाल को मछलियों का प्रजननल काल माना जाता है।
हर साल जून से लेकर अगस्त के महीने में मछली के मीट का सेवन आपको बीमार कर सकता है। साल में ढाई महीने राजस्थान सरकार आदेश जारी कर प्रदेशभर में मछली के शिकार और उसके मीट की बिक्री पर प्रतिबंध भी लगाती है। कारण इस अवधिकाल को मछलियों का प्रजननल काल माना जाता है। वहीं इस अवधि में मछली के मीट की बिक्री पाए जाने पर संबंधित नगर निगम और स्थानीय थाना पुलिस कार्रवाई करती है।
जयपुर नगर निगम-हेरिटेज ने सिविल लाइंस क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया और खुली मिली मीट की दुकानों पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान निगम अफसरों ने दो मीट शॉप को सील कर बिना उचित प्रमाणीकरण वाली लगभग 300 किलोग्राम मछली जब्त कर नष्ट कराई।
निगम अधिकारियों के अनुसार हर साल 16 जून से लेकर 31 अगस्त तक प्रदेश में मत्स्य आखेट यानी मछली पकड़ने और उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है। यह निर्णय जलाशयों में मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके अलावा शहर में मीट शॉप पर मछली के मीट की बिक्री पर भी रोक होती है।
नगर निगम और स्थानीय थाना पुलिस की जांच में मीट शॉप पर मछली पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा विशिष्ट दिवस पर भी दुकानों में मीट की बिक्री पर प्रतिबंध के आदेश जारी होते हैं।
निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी योगेश शर्मा के अनुसार शहर में जिन्होंने पशु प्रबंधन शाखा के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। शहर में संचालित मीट शॉप का लाइसेंस लेना अनिवार्य है और आगामी दिनों में नियमों की पालना के साथ साथ दुकानों के लाइसेंस की भी जांच की जाएगी। बाइस गोदाम क्षेत्र में फ्लाईओवर के पास मीट का अवैध परिवहन करते मिले एक ट्रक से 3 क्विंटल से अधिक मछली का मीट जब्त किया गया है।